द्वाराहाट: द्वाराहाट स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का विनियमितिकरण एवं स्थायी नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब और अधिक तेज होता जा रहा है। बुधवार को आंदोलन के 11वें दिन भी कर्मचारी कॉलेज के प्रशासनिक भवन परिसर में धरने पर डटे रहे और अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण कर सकता है।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि वे वर्षों से संस्थान की सेवा कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें विनियमितिकरण का लाभ नहीं मिल पाया है। कर्मचारियों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से लगातार आश्वासन तो दिए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। इससे कर्मचारियों में भारी निराशा और रोष व्याप्त है।
कर्मचारियों के अनुसार, संस्थान द्वारा 11 जून 2026 को तकनीकी शिक्षा विभाग, उत्तराखंड के सचिव को विनियमितिकरण संबंधी प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन आज तक उस प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल सकी है। इस देरी के कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। आंदोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि यदि प्रस्ताव को जल्द मंजूरी नहीं दी गई तो वे अपने आंदोलन को और व्यापक स्वरूप देने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन एवं शासन-प्रशासन की होगी।
धरना स्थल पर कर्मचारियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लड़ रहे हैं और तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता। आंदोलन को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का भी समर्थन मिलने लगा है। मंगलवार को पूर्व ग्राम प्रधान कूना दयाल सिंह बिष्ट तथा ग्राम पंचायत मल्ली मिरेई के ग्राम प्रधान पति ललित सिंह राणा अपने साथियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों की उपेक्षा उचित नहीं है और सरकार को उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी संस्थान की रीढ़ होते हैं और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि वे कर्मचारियों की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। धरना प्रदर्शन में संगठन के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में दैनिक नियत वेतनभोगी कर्मचारी उपस्थित रहे। इनमें कुन्दन रावत, विनेश, सावित्री देवी, नरेश कुमार, धन सिंह अधिकारी, पुष्पा मठपाल, रुबी देवी, जसूली देवी, मदनपाल, कमल सिंह बजेठा, रमेश मठपाल, खजान चन्द्र नौगाई, गोपाल उपाध्याय, दयाल गिरी, गणेश अधिकारी, दीपक बजेठा, नित्यानंद उप्रेती तथा अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
आंदोलन के लगातार 11वें दिन भी कर्मचारियों के हौसले बुलंद दिखाई दिए। अब सभी की निगाहें शासन और तकनीकी शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग पर कब तक निर्णय लिया जाता है। फिलहाल, कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक विनियमितिकरण की मांग पूरी नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
