द्वाराहाट। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद के द्वाराहाट क्षेत्र में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब हल्द्वानी जा रही एक कार अचानक आग की चपेट में आ गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी कार जलकर राख हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि वाहन में सवार सभी लोग समय रहते बाहर निकल गए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के दौरान अल्मोड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग बुझाने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 12 जून 2026 को डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि ग्राम बैरती स्थित ग्रीन वैली रेस्टोरेंट के समीप एक कार में भीषण आग लग गई है और तत्काल सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही कोतवाली द्वाराहाट पुलिस टीम बिना समय गंवाए घटनास्थल के लिए रवाना हो गई मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने पाया कि वाहन संख्या UK04AH3938, निसान मैग्नाइट, आग की लपटों में घिरा हुआ था। रेस्टोरेंट के स्वामी बालम सिंह नेगी और वाहन में सवार लोग अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे।
पुलिस टीम ने भी तत्काल मोर्चा संभालते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शुरुआती प्रयास नाकाफी साबित हुए। वाहन स्वामी कपिल आर्या, जो भारतीय स्टेट बैंक गौचर शाखा में कार्यरत हैं, ने बताया कि वह अपने साथियों शुभम और निखिल कोहली के साथ बैंक का कार्य समाप्त कर गौचर से हल्द्वानी की ओर जा रहे थे। शाम करीब 5:15 बजे ग्राम बैरती के पास अचानक वाहन का क्लच काम करना बंद कर गया। वाहन को सड़क किनारे रोककर जब उन्होंने जांच की तो इंजन के निचले हिस्से से धुआं और आग निकलती दिखाई दी।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए वाहन सवारों ने तुरंत अपना जरूरी सामान बाहर निकाला और आसपास मौजूद लोगों की मदद से पानी तथा मिट्टी के जरिए आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस सहायता मांगी गई घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने आग बुझाने के साथ-साथ सुरक्षा के मद्देनजर द्वाराहाट और चौखुटिया मार्ग से आने-जाने वाले वाहनों को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया। इससे किसी अन्य दुर्घटना की संभावना को टाला जा सका। पुलिस, स्थानीय लोगों और रेस्टोरेंट कर्मियों के संयुक्त प्रयासों से काफी देर की मशक्कत के बाद पानी और मिट्टी की सहायता से आग पर नियंत्रण पाया गया, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था। इस घटना में सबसे राहत भरी बात यह रही कि वाहन में सवार तीनों व्यक्ति सुरक्षित रहे और किसी को चोट तक नहीं आई।
प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण वाहन में आई तकनीकी खराबी माना जा रहा है। पुलिस ने वाहन स्वामी को आवश्यक वैधानिक कार्यवाही के लिए थाना पहुंचकर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने की सलाह दी है। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन पुलिस की सक्रियता और सूझबूझ के चलते यातायात व्यवस्था जल्द ही सामान्य कर दी गई। अल्मोड़ा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वाहन में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या, धुआं या आग जैसी स्थिति दिखाई देने पर तुरंत वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोकें, स्वयं को सुरक्षित करें और तत्काल डायल 112 पर सूचना दें।
