द्वाराहाट: कुमाऊँ इंजीनियरिंग कॉलेज (केईसी) द्वाराहाट में कार्यरत दैनिक नियत वेतनभोगी कर्मचारियों ने अपने विनियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों का आरोप है कि संस्थान प्रशासन उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रहा है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। गुरुवार, 4 जून 2026 को संस्थान के 26 दैनिक नियत वेतनभोगी कर्मचारियों ने प्रशासनिक भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने विनियमितीकरण प्रक्रिया में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए पांच सदस्यीय चयन समिति के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि समिति द्वारा अपनी आख्या निदेशक को प्रस्तुत किए जाने में छह महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उत्तराखंड सरकार द्वारा वर्ष 2025 की विनियमितीकरण नियमावली को विभिन्न विभागों में लागू करने की अनुमति प्रदान की जा चुकी है। इसके बावजूद कुमाऊँ इंजीनियरिंग कॉलेज प्रशासन इस नियमावली को लागू करने में रुचि नहीं दिखा रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि संस्थान प्रशासन जानबूझकर उनके विनियमितीकरण की प्रक्रिया को लंबित रखे हुए है कर्मचारियों ने यह भी बताया कि राज्य के अन्य संस्थानों में इस नियमावली का लाभ कर्मचारियों को मिल चुका है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गढ़वाल क्षेत्र के इंजीनियरिंग संस्थानों में कर्मचारियों को विनियमितीकरण का लाभ प्रदान किया जा चुका है, जबकि केईसी द्वाराहाट के कर्मचारी अभी भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
आंदोलनरत कर्मचारियों के अनुसार संस्थान की 27वीं प्रशासकीय परिषद की बैठक में भी विनियमितीकरण नियमावली को लागू करने की अनुमति सभी सदस्यों द्वारा दी जा चुकी है। इतना ही नहीं, संस्थान में विभिन्न पद भी रिक्त पड़े हुए हैं, जिससे पात्र कर्मचारियों के विनियमितीकरण में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद प्रक्रिया को आगे न बढ़ाया जाना कर्मचारियों के बीच असंतोष का प्रमुख कारण बन गया है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने चयन समिति और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों की प्राप्ति तक संघर्ष जारी रखेंगे।
कर्मचारियों ने घोषणा की है कि 5 जून 2026 से सभी दैनिक नियत वेतनभोगी कर्मचारी प्रशासनिक भवन में अपनी एकमात्र मांग — विनियमितीकरण — को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठेंगे। उनका कहना है कि जब तक उन्हें विनियमितीकरण का लाभ नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आज के विरोध प्रदर्शन में दिवान सिंह रावत, रघुवर सिंह कुंदन रावत, विनेश, सावित्री देवी, नरेश कुमार, धन सिंह अधिकारी, पुष्पा मठपाल, रुबी देवी, जरूरी देवी, मदनपाल, कमल सिंह बजेठा, निखिल उपाध्याय, रमेश मठपाल, खजान चंद्र नौगाई, शंकर सिंह राणा, गोपाल उपाध्याय, दयाल गिरी, भूपेंद्र सिंह, गणेश अधिकारी, दीपक बजेठा, नित्यानंद उप्रेती सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
अब सभी की निगाहें कॉलेज प्रशासन और संबंधित अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे कर्मचारियों की मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।
