द्वाराहाट। कुमायूँ प्रौद्योगिकी संस्थान द्वाराहाट के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का विनियमितिकरण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन रविवार को 15वें दिन भी जारी रहा। संस्थान के प्रशासनिक भवन प्रांगण में कर्मचारी अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर धरने पर डटे रहे और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
धरना स्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्षों से संस्थान में अपनी सेवाएं देने के बावजूद उन्हें अब तक स्थायी नियुक्ति अथवा विनियमितिकरण का लाभ नहीं मिल पाया है। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांग पूरी तरह न्यायोचित है और सरकार को उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करना चाहिए।
धरने के दौरान संस्थान के निदेशक ने कर्मचारियों को जानकारी देते हुए बताया कि तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव विदेश यात्रा से वापस देहरादून पहुंच चुके हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सचिव के बुलावे पर वह स्वयं तथा कुलसचिव देहरादून जाकर कर्मचारियों के विनियमितिकरण के मुद्दे को शासन स्तर पर प्रभावी ढंग से रखेंगे। निदेशक ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
हालांकि कर्मचारियों ने निदेशक से दो टूक शब्दों में कहा कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। उन्होंने मांग की कि संस्थान प्रशासन तत्काल शासन स्तर पर पहल कर सचिव से अनुमोदन प्राप्त करे। कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी।
धरने को समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन भी लगातार मिल रहा है। आज आंदोलन को समर्थन देने के लिए कैलाश चंद्र पांडे और कैलाश मठपाल सहित दर्जनों स्थानीय नागरिक धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए शासन से शीघ्र समाधान निकालने की अपील की। समर्थन देने पहुंचे लोगों ने कहा कि वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करना सरकार और संस्थान की जिम्मेदारी है।
धरने में संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में दिवान सिंह रावत, रघुवर सिंह, कुन्दन रावत, विनेश, सावित्री देवी, नरेश कुमार, धन सिंह अधिकारी, पुष्पा मठपाल, रुबी देवी, जसूली देवी, मदन पाल, निखिल उपाध्याय, रमेश मठपाल, खजान चंद्र नौगाईं, शंकर सिंह राणा, गोपाल उपाध्याय, भूपेंद्र सिंह, गणेश अधिकारी, दीपक बजेठा तथा नित्यानंद उप्रेती सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।
कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी विनियमितिकरण की मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। आंदोलन के लगातार 15वें दिन भी कर्मचारियों के हौसले बुलंद दिखाई दिए और उन्होंने अपने अधिकारों के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करने का संकल्प दोहराया।
