द्वाराहाट। बिपिन त्रिपाठी कुमायूँ इंजीनियरिंग कॉलेज, द्वाराहाट के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का विनियमितिकरण एवं स्थायी नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन शुक्रवार को 13वें दिन भी जारी रहा। कर्मचारी कॉलेज के प्रशासनिक भवन प्रांगण में धरने पर डटे रहे और अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। धरनारत कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से संस्थान में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें अब तक विनियमितिकरण का लाभ नहीं मिल पाया है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों के संबंध में 11 जून 2026 को तकनीकी शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन आज तक उस पर कोई अंतिम अनुमोदन नहीं मिल पाया है। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी और असंतोष व्याप्त है।
आंदोलन को उस समय नई ऊर्जा मिली जब क्षेत्रीय विधायक मदन सिंह बिष्ट अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ धरना स्थल पहुंचे। विधायक ने कर्मचारियों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा कॉलेज निदेशक से वार्ता कर कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र समाधान करने की बात कही। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को उनका अधिकार मिलना चाहिए और विनियमितिकरण की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी उचित नहीं है। धरना स्थल पर हुई वार्ता के दौरान कॉलेज निदेशक ने आश्वासन दिया कि आगामी सोमवार को वे तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं उत्तराखंड शासन के सचिव स्तर के अधिकारियों से मुलाकात कर कर्मचारियों के विनियमितिकरण से संबंधित प्रस्ताव पर अनुमोदन प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आवश्यक स्वीकृति मिलते ही कर्मचारियों को विनियमितिकरण के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
विधायक मदन सिंह बिष्ट ने भी कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे स्वयं इस मामले को शासन स्तर पर उठाएंगे और संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे। उनके इस समर्थन से आंदोलनरत कर्मचारियों में उम्मीद की नई किरण जगी है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन और शासन की होगी। धरने में संगठन के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में दिवान सिंह रावत, रघुवर सिंह, कुन्दन रावत, विनेश, सावित्री देवी, नरेश कुमार, धन सिंह अधिकारी, पुष्पा मठपाल, रुबी देवी, जसूली देवी, मदनपाल, रमेश मठपाल, खजान चन्द्र नौगाई, शंकर सिंह राणा, गोपाल उपाध्याय, भूपेन्द्र सिंह तथा दीपक बजेठा सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे। आंदोलन को समर्थन देने वालों में विधायक मदन सिंह बिष्ट, शंकर कैड़ा, प्रताप रावत, ग्राम प्रधान कविता राणा सहित दर्जनों जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता शामिल रहे। सभी ने कर्मचारियों की मांगों को न्यायोचित बताते हुए उनके संघर्ष को अपना पूर्ण समर्थन दिया। अब सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली शासन स्तर की वार्ता पर टिकी हैं, जिससे कर्मचारियों के वर्षों पुराने विनियमितिकरण के इंतजार को समाप्त होने की उम्मीद जगी है।
