विक्रमी संवत्सर 2083 का शुभारंभ: हिंदू पंचांग के अनुसार, विक्रमी संवत्सर 2083 का शुभारंभ 19 मार्च से हो रहा है। ज्योतिषीय गणना बताती है कि चैत्र कृष्ण अमावस्या की समाप्ति के ठीक बाद, प्रातः लगभग 6:45 बजे उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, मीन राशि के चंद्रमा और मीन लग्न में नववर्ष का प्रारंभ होगा। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित आनंद बल्लभ पांडेय ने बताया कि इस वर्ष का नाम रौद्र संवत्सर है, जो ग्रहों के क्रूर स्वभाव को दर्शाता है।इस संवत्सर में ग्रहों का ‘दिव्य मंत्रिमंडल’ भी घोषित हुआ है। देवगुरु बृहस्पति को राजा का पद मिला है, जबकि मंगल प्रमुख सलाहकार मंत्री होंगे। वित्त मंत्रालय भी बृहस्पति के पास रहेगा। चंद्रमा को रक्षा मंत्रालय और सूर्य को उद्यान व कृषि मंत्रालय का दायित्व सौंपा गया है।
पंडित पांडेय के अनुसार, वृहत संहिता में रौद्र संवत्सर को कठिन समय बताया गया है। इसमें राजनीतिक मतभेद, युद्ध की आशंका, महंगाई, भ्रष्टाचार, धार्मिक विवाद और अग्निकांड जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ सकता है, लेकिन बृहस्पति का विवेक शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा।हालांकि चुनौतियां हैं, तो शुभ संकेत भी कम नहीं। 19 मार्च से ही वासंतिक चैत्र शुक्ल नवरात्रि का आरंभ होगा। प्रातः शुभ मुहूर्त में सात बजे से घटस्थापना के साथ मां जगदंबा की पूजा-अर्चना शुरू हो जाएगी। नौ दिनों तक व्रत, जप और ध्यान से भक्त नवरात्रि की कृपा प्राप्त करेंगे। इसके अलावा, इस वर्ष 17 मई से 15 जून तक पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) रहेगा। इस दौरान विवाह, मुंडन आदि मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे।
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भगवान विष्णु की विशेष पूजा का समय है, जो पापों का नाश करता है।पंडित पांडेय ने सलाह दी कि रौद्र संवत्सर में सावधानी बरतें। अग्नि सावधानी रखें, विवादों से दूर रहें और धार्मिक एकता बनाए रखें। बृहस्पति की कृपा से आर्थिक स्थिरता और शांति संभव है। उत्तराखंड जैसे क्षेत्रों में कृषि और पर्यटन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। नववर्ष पर घर-घर में पूजन, हवन और दान से वर्ष भर सुख-समृद्धि की कामना करें।नवसंवत्सर हिंदू संस्कृति का प्रतीक है, जो नई शुरुआत का संदेश देता है। आइए, मां दुर्गा की आराधना के साथ इस रौद्र वर्ष को शुभ बनाएं। ज्योतिष मार्गदर्शन से जीवन की चुनौतियों पर विजय पाएं।
इन 4 राशियों के खुल जाएंगे किस्मत के ताले
यूं तो यह संवत्सर सभी राशियों के लिए मिला-जुला रहेगा, लेकिन चार विशेष राशियां ऐसी हैं जिनके लिए यह साल किसी वरदान से कम नहीं है. मेष, मिथुन, सिंह और तुला राशि के जातकों को इस साल करियर से लेकर कारोबार तक में जबरदस्त सफलता मिलने वाली है।
मेष राशि: प्रशासनिक सेवाओं और राजनीति से जुड़े मेष राशि के जातकों के लिए संवत 2083 शानदार रहेगा. आपके मैनेजमेंट स्किल्स की तारीफ होगी और समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. जो लोग सरकारी क्षेत्र में तरक्की की राह देख रहे हैं, उन्हें शुभ समाचार मिल सकता है.
मिथुन राशि: मिथुन राशि वालों के लिए यह साल करियर में लंबी छलांग लगाने वाला है. पिछले काफी समय से रुके हुए काम अब रफ्तार पकड़ेंगे. सबसे बड़ी राहत आर्थिक मोर्चे पर मिलेगी; पुरानी तंगी दूर होगी और धन आगमन के नए स्रोत बनेंगे.
सिंह राशि: अगर आप सामाजिक कार्यों या राजनीति से जुड़े हैं, तो यह साल आपकी लोकप्रियता में चार चांद लगा देगा. जनता के बीच आपका प्रभाव बढ़ेगा और आपके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना होगी. पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के प्रबल योग हैं।
तुला राशि: व्यापार जगत से जुड़े तुला राशि के जातकों के लिए रौद्र संवत्सर मुनाफे की सौगात लेकर आ रहा है. बिजनेस में आय के नए साधन विकसित होंगे. अगर आप कोई नया निवेश या स्टार्टअप शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह समय आपके पक्ष में है.
अन्य राशियों पर प्रभाव
बाकी राशि के जातकों के लिए भी यह साल सामान्य रूप से लाभकारी रहेगा. शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी. ज्योतिषियों की सलाह है कि नए संवत की शुरुआत में दान-पुण्य और गुरु व मंगल की शांति के उपाय करना फलदायी साबित होगा।
