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Friday, April 4, 2025

वक्फ बोर्ड की घट जाएगी शक्ति! क्या है वक्फ संशोधन विधेयक? कैसे काम करता है वक्फ बोर्ड? जानिए पूरी खबर में…..!

नई दिल्ली: राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा जारी है। लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित हो चुका है। भारतीय गठबंधन इस संशोधन विधेयक के विरोध में है। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया। वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्टी के सांसद नसीर हुसैन ने कहा कि वक्फ़ संशोधन विधेयक मुसलमानों के खिलाफ है। JPC में विपक्षी सदस्यों द्वारा की गई किसी भी सिफारिश को वक्फ़ संशोधन विधेयक में शामिल नहीं किया गया।

संजय राउत ने बीजेपी पर कसा तंज

संजय राउत ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि दो दिनों से मुस्लिमों की इतनी चिंता की जा रही है, जितनी जिन्ना ने भी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों की इतनी चिंता हो रही है कि मुस्लिम और हिंदू दोनों डरे हुए हैं। संजय राउत ने कहा कि ये बिल लोगों का ध्यान भटकाने का तरीका है। कल ही ट्रंप ने टैरिफ लगाया, उस पर चर्चा होनी चाहिए थी लेकिन आप ध्यान भटकाने के लिए ये बिल ले आए। उन्होंने कहा कि बीजेपी को मुस्लिमों की चिंता कबसे होने लगी? अब आप मुस्लिमों की संपत्ति की चिंता कर रहे हो।

वही उत्तर प्रदेश के अन्य संवेदनशील स्थानों की तरह दिल्ली से सटे नोएडा में भी पुलिस ने चप्पे चप्पे पर सुरक्षा बढ़ी दी है। पुलिस फोर्स में छुट्टियां भी कैंसल कर दी हैं। कोई विरोध में सड़क पर ना उतरे या किसी तरह की अनहोनी घटना न हो, इसे देखते हुए नोएडा की लगभग सभी मस्जिदो में नोटिस भेजे गए हैं। ये नोटिस मस्जिदों के इमामों या कमेटी को दिए गए हैं। पुलिस इनसे 50 हजार के मुचलके भरवा रही है।

नोएडा डीसीपी राम बदन सिंह ने बताया कि नोटिस एहतियात के रूप में भेजे गए हैं। मुचलके भरवाए जा रहे हैं। सभी मस्जिदों को नोटिस भेजे गए हैं। मस्जिदों के कर्ताधर्ता और इमाम के नाम नोटिस भेजे गए हैं। नोएडा के कार्यपालक मजिस्ट्रेट की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि शांति भंग किए जाने की प्रबल संभावना है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 130 के तहत नोटिस भेजे गए हैं।

नोटिस में कहा गया है, ‘मैं कार्यपालक मजिस्ट्रेट प्रथम नोएडा गौतमबुद्धनगर निर्देश देता हूं कि विपक्षी/विपक्षीगरण उपरोक्त कारण दर्शित करें कि क्यों न उसे 6 माह तक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अंकन 50 हजार रुपये के निजी बंध पत्र एवं समान धनराशि की दो प्रतिभूतियां जो स्थानीय संपन्न एवं ऐसे व्यक्तियों द्वारा निष्पादित की गई हो जो विपक्षी/विपक्षीगरण को परिशांति बनाये रखने के निमित्त उस पर पर्याप्त नियंत्रण रखने में सक्षम हों, से पाबंद किया जाए।’

वक्फ बोर्ड क्या है?

वक्फ का मतलब होता है ‘अल्लाह के नाम’, यानी ऐसी जमीनें जो किसी व्यक्ति या संस्था के नाम नहीं है। वक्फ बोर्ड का एक सर्वेयर होता है। वही तय करता है कि कौन सी संपत्ति वक्फ की है, कौन सी नहीं। इस निर्धारण के तीन आधार होते हैं- अगर किसी ने अपनी संपत्ति वक्फ के नाम कर दी, अगर कोई मुसलमान या मुस्लिम संस्था जमीन की लंबे समय से इस्तेमाल कर रहा है या फिर सर्वे में जमीन का वक्फ की संपत्ति होना साबित हुआ। वक्फ बोर्ड मुस्लिम समाज की जमीनों पर नियंत्रण रखने के लिए बनाया गया था। जिससे इन जमीनों के बेजा इस्तेमाल को रोकने और गैरकानूनी तरीकों से बेचने पर रोक के लिए बनाया गया था।

कैसे काम करता है वक्फ बोर्ड

वक्फ बोर्ड देशभर में जहां भी कब्रिस्तान की घेरेबंदी करवाता है, उसके आसपास की जमीन को भी अपनी संपत्ति करार दे देता है। इन मजारों और आसपास की जमीनों पर वक्फ बोर्ड का कब्जा हो जाता है। चूंकि 1995 का वक्फ एक्ट कहता है कि अगर वक्फ बोर्ड को लगता है कि कोई जमीन वक्फ की संपत्ति है तो यह साबित करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं, बल्कि जमीन के असली मालिक की होती है कि वो बताए कि कैसे उसकी जमीन वक्फ की नहीं है। 1995 का कानून यह जरूर कहता है कि किसी निजी संपत्ति पर वक्फ बोर्ड अपना दावा नहीं कर सकता, लेकिन यह तय कैसे होगा कि संपत्ति निजी है? अगर वक्फ बोर्ड को सिर्फ लगता है कि कोई संपत्ति वक्फ की है तो उसे कोई दस्तावेज या सबूत पेश नहीं करना है। सारे कागज और सबूत उसे देने हैं जो अब तक दावेदार रहा है। कौन नहीं जानता है कि कई परिवारों के पास जमीन का पुख्ता कागज नहीं होता है। वक्फ बोर्ड इसी का फायदा उठाता है क्योंकि उसे कब्जा जमाने के लिए कोई कागज नहीं देना है।

वक्फ बोर्ड को मिली हैं ये शक्तियां

अगर आपकी संपत्ति को वक्फ की संपत्ति बता दी गई तो आप उसके खिलाफ कोर्ट नहीं जा सकते। आपको वक्फ बोर्ड से ही गुहार लगानी होगी। वक्फ बोर्ड का फैसला आपके खिलाफ आया, तब भी आप कोर्ट नहीं जा सकते। तब आप वक्फ ट्राइब्यूनल में जा सकते हैं। इस ट्राइब्यूनल में प्रशासनिक अधिकारी होते हैं। उसमें गैर-मुस्लिम भी हो सकते हैं। वक्फ एक्ट का सेक्शन 85 कहता है कि ट्राइब्यूनल के फैसले को हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती नहीं दी जा सकती है।

वक्फ बोर्ड के पर कतरने की तैयारी!

मोदी 3.0 सरकार अब वक्फ बोर्ड की शक्तियां कम करने का प्लान बना चुकी है। वक्फ बोर्ड के असीमित अधिकारों पर लगाम की दिशा में केंद्र सरकार ने संशोधन प्रस्तावित किए हैं। इनमें वक्फ संपत्तियों का अनिवार्य वेरिफिकेशन शामिल है। इससे संपत्तियों के दुरुपयोग पर रोक लगाने की कोशिश होगी। देश भर में 8.7 लाख से अधिक संपत्तियां, कुल मिलाकर लगभग 9.4 लाख एकड़, वक्फ बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में हैं। प्रस्तावित संशोधनों के तहत, वक्फ बोर्ड के दावों का अनिवार्य रूप से वेरिफिकेशन किया जाएगा। ऐसा ही एक अनिवार्य वेरिफिकेशन उन संपत्तियों के लिए भी प्रस्तावित किया गया है, जिनके लिए वक्फ बोर्ड और व्यक्तिगत मालिकों ने दावे और जवाबी दावे किए हैं। संशोधन विधेयक 5 अगस्त को संसद में पेश हो सकता है।

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Manish Negi
Manish Negihttps://chaiprcharcha.in/
Manish Negi एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक मुद्दों जैसे विषयों पर अच्छा ज्ञान है। वे 2 से ज्यादा वर्षों से विभिन्न समाचार चैनलों और पत्रिकाओं के साथ काम कर रहे हैं। उनकी रूचि हमेशा से ही पत्रकारिता और उनके बारे में जानकारी रखने में रही है वे "चाय पर चर्चा" न्यूज़ पोर्टल में विभिन्न विषयों पर ताज़ा और विश्वसनीय समाचार प्रदान करते हैं"

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