कपकोट: उत्तराखंड के कपकोट क्षेत्र के वीथी-गैनाड़ गांव से ताल्लुक रखने वाले वीर जवान गजेंद्र सिंह गढ़िया ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दे दिया। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर सेना के हेलीकाप्टर से कपकोट डिग्री कालेज मैदान पहुंचा, जहां पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। “जब तक सूरज-चांद रहेगा, गजेंद्र तेरा नाम रहेगा” के गगनभेदी नारों के बीच हजारों लोग आंसुओं से भीगा गर्व व्यक्त कर रहे थे। यह केवल एक जवान का अंतिम संस्कार नहीं था, बल्कि पूरे देश के लिए एक अमिट प्रेरणा का क्षण था।
मंगलवार अपराह्न लगभग दो बजे सेना के हेलीकाप्टर से बलिदानी गजेंद्र सिंह गढ़िया का पार्थिव शरीर डिग्री कालेज मैदान पहुंचा। यहां स्वजन, रिश्तेदारों, ग्रामीणों तथा जनप्रतिनिधियों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद भारत माता की जय और वीर जवान अमर रहें के गगनभेदी नारों के साथ बलिदानी की अंतिम यात्रा सरयू-खीरगंगा संगम की ओर रवाना हुई। रास्ते में लोगों ने छतों से पुष्पवर्षा कर वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी। हर आंख नम थी और हर दिल गर्व से भरा हुआ।
शहीद के पैतृक गांव वीथी गैनाड़ के साथ ही कपकोट तथा भराड़ी क्षेत्र में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। घरों में चूल्हे ठंडे रहे और लोग बलिदानी के अदम्य साहस को याद कर भावुक होते रहे। उनका पार्थिव शरीर बरेली से सेना के हेलीकाप्टर से लाया गया, जिसकी सूचना मिलते ही भारी संख्या में लोग अंतिम दर्शन को उमड़ पड़े।बलिदानी की मां चंद्रा देवी को सोमवार सुबह बेटे के बलिदान की सूचना दी गई। वह सबसे पहले अपने लाल के अंतिम दर्शन करने पहुंचीं। रोते हुए उन्होंने कहा, मेरा एक ही बेटा था, जिसने पूरे परिवार को संभाला। आज वह देश के लिए बलिदान हो गया। दु:ख बहुत है, लेकिन गर्व है कि मेरा लाल देश की रक्षा करते हुए अमर हो गया।
सरयू-खीरगंगा संगम पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ बलिदानी का अंतिम संस्कार किया गया। चचेरे भाई नवीन सिंह गढ़िया तथा डुंगर सिंह ने मुखाग्नि दी। पुलिस उपाधीक्षक मनीष शर्मा ने भी बलिदानी को कंधा दिया। सिग्नल कोर कौसानी व बरेली से आए जवानों ने गार्ड आफ आनर देकर अंतिम सलामी दी। विधायक सुरेश गढ़िया, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिपं सदस्य हरीश ऐठानी, जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट, पूर्व मंत्री बलवंत भौर्याल समेत अनेक जनप्रतिनिधियों व गणमान्य लोगों ने पुष्पचक्र अर्पित कर वीर शहीद को नमन किया। पूरे क्षेत्र में देर तक भारत माता की जय और गजेंद्र सिंह गढ़िया अमर रहें के नारे गूंजते रहे।




