हल्द्वानी। सोशल मीडिया पर दराती लहराते हुए महिलाओं और देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में हल्द्वानी की व्लॉगर ज्योति अधिकारी को मुखानी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में ऊंचापुल निवासी जूही चुफाल ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो से कुमाऊं की महिलाओं और देवताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। पुलिस ने मामले में आर्म्स एक्ट और भड़काऊ बयान देने से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।जूही चुफाल द्वारा दी गई तहरीर में कहा गया कि हरिपुर लालमणी किशनपुर घुड़दौड़ा निवासी ज्योति अधिकारी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और हाल ही में उनका एक वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हुआ।
इस वीडियो में ज्योति दराती लहराते हुए कुमाऊं क्षेत्र की महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करती दिख रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने पहाड़ के देवताओं को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी फैल गई।तहरीर के आधार पर मुखानी थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील जोशी ने बताया कि आरोपी ज्योति अधिकारी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 27 के साथ ही आईपीसी की धारा 192 (दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना), 196 (धर्म, जाति, भाषा के आधार पर शत्रुता फैलाने), 299 और 302 (धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना) में मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वीडियो में दिखाई गई दराती भी बरामद की है।पुलिस के अनुसार, बुधवार देर रात मुखानी थाना परिसर में ज्योति अधिकारी को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान ज्योति ने वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर डालने की बात स्वीकार की, हालांकि उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था।
पुलिस ने बयान दर्ज करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी की खबर मिलते ही ज्योति के समर्थक बड़ी संख्या में थाने के बाहर पहुंच गए। समर्थकों की ओर से गिरफ्तारी को लेकर पुलिस से नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने तैनाती बढ़ाते हुए स्थिति को नियंत्रण में लिया और लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने से परहेज करने की अपील की। मुखानी एसओ सुशील जोशी ने बताया कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। पुलिस इस मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के संभावित प्रभाव की भी जांच कर रही है। जोशी ने कहा कि “किसी भी व्यक्ति को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द का ध्यान रखना चाहिए।
कानून अपने हाथ में लेने या किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।”वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के कुछ लोगों ने इस घटना को लेकर गुस्सा जताते हुए मांग की है कि ऐसी सामग्री पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी निगरानी बढ़ानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद न हों। कई सामाजिक संगठनों ने महिलाओं और देवी-देवताओं के सम्मान में बयान जारी करते हुए इस तरह की गतिविधियों पर रोक की मांग की है।पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच साइबर सेल की सहायता से की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि वायरल वीडियो के प्रसार में किन खातों की भूमिका रही। फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
