चौखुटिया: मासी क्षेत्र में आयोजित होने वाला सात दिवसीय सोमनाथ मेला एक बार फिर अपनी भव्यता और सांस्कृतिक रंगत के साथ लोगों का स्वागत करने को तैयार है। पौराणिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से समृद्ध इस मेले की तैयारियां अब तेजी पकड़ चुकी हैं। हाल ही में मेला समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें नई कार्यकारिणी का गठन किया गया और मेले को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष सोमनाथ मेला वैशाख माह के अंतिम सोमवार से प्रारंभ होगा।
तय कार्यक्रम के अनुसार, 9 मई को भूमिया दिवस के साथ मेले का शुभारंभ होगा। यह दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठानों और स्थानीय परंपराओं के निर्वहन के लिए समर्पित रहेगा। इसके बाद 10 मई को प्रसिद्ध सल्टिया आयोजन होगा, जो इस क्षेत्र की विशिष्ट पहचान माना जाता है। 11 मई को मुख्य मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी संख्या में भाग लेते हैं। मेले का समापन 16 मई को पारंपरिक विधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ किया जाएगा।
सोमनाथ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि यह क्षेत्रीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। इस मेले में स्थानीय लोग अपने पारंपरिक परिधानों, लोकगीतों और नृत्यों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करते हैं। मेले के दौरान विभिन्न प्रकार के झूले, दुकानें, हस्तशिल्प वस्तुएं और स्थानीय व्यंजन लोगों के आकर्षण का केंद्र होते हैं। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा देता है।
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मेला समिति ने इस बार आयोजन को और अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने, स्वच्छता बनाए रखने और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा सहायता और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना भी बनाई गई है।नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही समिति के सदस्यों ने अपने-अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाने का संकल्प लिया है। समिति का उद्देश्य है कि मेले का आयोजन पारंपरिक गरिमा के साथ-साथ आधुनिक व्यवस्थाओं के समन्वय से किया जाए, ताकि आने वाले सभी लोगों को एक सुखद और यादगार अनुभव मिल सके।
सोमनाथ मेला क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ सामाजिक मेलजोल और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। हर वर्ष यह मेला लोगों को एकजुट करने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है। इस वर्ष भी उम्मीद की जा रही है कि यह मेला पहले की तरह ही सफल और भव्य होगा। अंततः, सोमनाथ मेला न केवल एक आयोजन है, बल्कि यह क्षेत्र की पहचान, परंपरा और विश्वास का जीवंत प्रतीक है, जो हर वर्ष नई ऊर्जा और उत्साह के साथ लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाता है।
