उत्तरकाशी: अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया है। इस शुभ दिन पर गंगोत्री धाम और यमुनोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। वैदिक मंत्रोच्चारण, धार्मिक अनुष्ठानों और “जय मां गंगा” व “जय मां यमुना” के जयकारों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। हर ओर आस्था, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पल के साक्षी स्वयं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बने। उनके साथ हजारों श्रद्धालु इस दिव्य क्षण के सहभागी रहे। गंगोत्री धाम में कपाट खुलने के दौरान मंदिर प्रांगण श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, “हर-हर गंगे” और “मां गंगा की जय” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं की आंखों में आस्था और हृदय में भक्ति का भाव स्पष्ट झलक रहा था।
निर्धारित शुभ मुहूर्त के अनुसार दोपहर 12:15 बजे गंगोत्री मंदिर के कपाट खोले गए। इस दौरान श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की गई, जिसने इस अवसर को और भी भव्य और यादगार बना दिया। आसमान से बरसते फूलों के बीच भक्तों का उत्साह चरम पर पहुंच गया और यह दृश्य किसी आध्यात्मिक उत्सव से कम नहीं लग रहा था। इससे पहले रविवार तड़के मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। डोली प्रस्थान से पहले भैरव घाटी में मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की गई। पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक विधानों के साथ इस यात्रा का शुभारंभ हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
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डोली यात्रा जैसे ही गंगोत्री धाम पहुंची, वहां पहले से मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक उसका स्वागत किया। मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल के अनुसार, विधिविधान के साथ गंगा पूजन, गंगा सहस्रनाम पाठ और विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कपाट खोल दिए गए, जिससे देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को मां गंगा के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। चारधाम यात्रा के पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचे। हजारों भक्तों ने मां गंगा के दर्शन कर पूजा-अर्चना का पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं का मानना है कि अक्षय तृतीया के दिन दर्शन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
चारधाम यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा का जीवंत प्रतीक है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में भाग लेते हैं और अपने जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भरते हैं। इस बार भी यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही अब केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की भी तैयारियां जोरों पर हैं। आने वाले दिनों में यह यात्रा और भी गति पकड़ेगी और देश-विदेश से श्रद्धालुओं का सैलाब उत्तराखंड की वादियों में उमड़ पड़ेगा। इस प्रकार अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर शुरू हुई चारधाम यात्रा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आस्था और विश्वास की शक्ति अटूट है, जो हर वर्ष लाखों लोगों को इन पवित्र धामों की ओर खींच लाती है।
