देहरादून: रायपुर थाना क्षेत्र के सुन्दरवाला इलाके में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। एक 24 वर्षीय युवक ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की गंभीरता इस बात से और बढ़ जाती है कि युवक ने यह कदम उठाने से पहले अपनी पत्नी और तीन माह की मासूम बच्ची को कमरे में बंद कर दिया था। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान शुभम (24) पुत्र नरेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो सुन्दरवाला का निवासी था। मंगलवार को सिटी कंट्रोल रूम को इस घटना की सूचना मिली। कॉलर ने पुलिस को बताया कि शुभम ने अपने घर के कमरे में खिड़की की ग्रिल से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है।
सूचना मिलते ही रायपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने युवक को फंदे से नीचे उतार लिया था और उसे कमरे के फर्श पर लिटा दिया था। स्थिति को देखते हुए तुरंत 108 एम्बुलेंस को बुलाया गया। मौके पर पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों ने युवक की जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी और उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए। किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि इतनी कम उम्र में युवक इस तरह का कदम उठा सकता है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पत्नी और बच्ची की स्थिति भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
यह भी पढ़ें:अल्मोड़ा हादसा: ट्रैक्टर पलटने से दो युवकों की दर्दनाक मौत, दो परिवारों पर छाया सन्नाटा
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि घटना के समय युवक ने अपनी पत्नी और तीन माह की बच्ची को कमरे में बंद कर दिया था। हालांकि उसने ऐसा क्यों किया और आत्महत्या के पीछे क्या कारण रहे, इसका अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलने के बाद फील्ड यूनिट टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी भी कराई, ताकि हर पहलू को सुरक्षित रखा जा सके।
इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए कोरोनेशन अस्पताल भेज दिया, जहां पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं युवक किसी मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद या अन्य किसी समस्या से तो नहीं जूझ रहा था। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि मानसिक तनाव और अवसाद जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। समय रहते संवाद और सहयोग से कई ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
