हल्द्वानी: हल्द्वानी से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 19 साल की हिंदू छात्रा ने अपनी मां को पुलिस के सामने ही थप्पड़ जड़ दिया। मामला मुखानी थाना क्षेत्र का है, जहां छात्रा 45 वर्षीय मुस्लिम टेलर रहमत के साथ फरार हो गई। पुलिस ने दोनों को पीलीभीत से पकड़कर आरटीओ चौकी लाया, लेकिन छात्रा अपनी जिद पर अड़ी रही। परिवार के समझाने के बावजूद वह टेलर के साथ रहने पर न अड़ी। इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस के मुताबिक, 26 फरवरी को छात्रा सिलाई सीखने टेलर की दुकान पर गई थी। वहां से वह रहमत के साथ लापता हो गई। परिवार ने तुरंत मुखानी थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया। पीड़ित पिता ने बताया कि बेटी घर से बिना बताए चली गई थी।
पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के जरिए दोनों का पता लगाया। पीलीभीत निवासी रहमत और छात्रा को हिरासत में लेकर हल्द्वानी लाया गया। आरटीओ चौकी पर परिवार वाले पहुंचे। मां ने बेटी से गुजारिश की, ‘घर चलो, कोई कुछ नहीं कहेगा।’ लेकिन छात्रा ने गुस्से में मां को थप्पड़ मार दिया और चिल्लाई, ‘मैं रहमत के साथ ही रहूंगी!’पिता ने भी कई बार मनाया। उन्होंने कहा कि बेटी अभी कमसिन उम्र की है, दुनिया की सच्चाई नहीं जानती। लेकिन छात्रा टस से मस न हुई। पुलिस ने रहमत को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में पता चला कि दो दिन पहले छात्रा की मां के बैंक अकाउंट से 21 हजार रुपये निकाले गए। संदेह है कि यह पैसे भागने में इस्तेमाल हुए।
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परिवार का आरोप है कि टेलर ने छात्रा को बहकाया। छात्रा के पिता ने कहा, ‘हमारी बेटी पढ़ाई में तेज थी। अब ये क्या हो गया?’यह घटना उत्तराखंड के हल्द्वानी में चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर लोग इसे ‘लव जिहाद’ बता रहे हैं। कई यूजर्स ने टिप्पणी की कि उम्र का इतना फासला और धार्मिक भिन्नता सवाल खड़े करती है। पुलिस ने छात्रा को काउंसलिंग के लिए भेजा है। एसपी ने बताया कि मामला संवेदनशील है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज हो रहे हैं। टेलर पर अपहरण और पॉस्को एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही। छात्रा नाबालिग नहीं है, लेकिन परिवार की सहमति जरूरी बताई जा रही।ऐसे मामले समाज में सवाल उठाते हैं। युवा पीढ़ी सोशल मीडिया और फिल्मों के प्रभाव में आकर गलत फैसले ले रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों पर नजर रखनी चाहिए। किशोरावस्था में भावुक फैसले खतरनाक साबित होते हैं। हल्द्वानी पुलिस ने अलर्ट जारी किया है कि ऐसे मामलों में तुरंत शिकायत करें। फिलहाल, छात्रा को परिवार के हवाले नहीं किया गया। कोर्ट में सुनवाई होगी।यह घटना परिवारों के लिए सबक है। प्यार की आड़ में अपराध छिपे हो सकते हैं। उत्तराखंड जैसे क्षेत्र में धार्मिक संवेदनशीलता बढ़ गई है। स्थानीय लोग सतर्क हो गए। पुलिस जांच पूरी होने पर आगे कार्रवाई करेगी
