देहरादून: देहरादून, जो कभी शिक्षा का प्रमुख केंद्र माना जाता था, अब अपराधों की घटनाओं से बदनाम हो रहा है। यहां पढ़ाई करने आए छात्रों का जीवन खतरे में पड़ गया है। उत्तरांचल यूनिवर्सिटी से ऐसी ही एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां छात्रों के दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। 22 वर्षीय बीटेक छात्र दिव्यांशु जाटराना की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के थाना भोपा निवासी दिव्यांशु अमित जाटराना का पुत्र था। वह देहरादून में रहकर उत्तरांचल यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई कर रहा था।
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23 मार्च की रात प्रेमनगर के केहरी गांव में यूनिवर्सिटी के छात्रों के दो गुटों के बीच वर्चस्व और पुरानी दुश्मनी को लेकर झगड़ा हो गया। बातें बढ़ते ही दोनों पक्ष लाठी-डंडों से भिड़ गए। इस दौरान दिव्यांशु गंभीर रूप से जख्मी हो गया। साथियों ने उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया, लेकिन हालत बिगड़ने पर दून अस्पताल रेफर कर दिया गया। रास्ते में एंबुलेंस खराब हो गई, तो पुलिस ने अपने वाहन से उसे अस्पताल पहुंचाया। देर रात तक चले इलाज के बावजूद डॉक्टर उसे बचा न सके।घटना की सूचना मिलते ही दिव्यांशु के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। आंसुओं से भरी आंखों वाला परिवार अब न्याय की आस लगाए है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया। परिजनों की तहरीर पर प्रेमनगर थाने में धारा 3(5)/61(2)/103(1)/191(2) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
इनकी पहचान युवराज कुमार (बीबीए सेकंड ईयर), मधुर खंडेलवाल (बीटेक थर्ड ईयर) और शिवम शर्मा (बीटेक थर्ड ईयर) के रूप में हुई है। तीनों प्रेमनगर क्षेत्र में किराए के मकान में रहते थे। एसएसपी ने बताया कि अन्य शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज है।यह घटना देहरादून की बढ़ती अपराध दर को उजागर करती है। शिक्षा का हब कहलाने वाली राजधानी में छात्रों के बीच गुटबाजी और हिंसा आम हो रही है। उत्तरांचल यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में ऐसी वारदात छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े करती है। परिजनों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन सुरक्षा के प्रति लापरवाह रहा। क्या छात्रावासों में सीसीटीवी कैमरे हैं?
रात्रि गश्त क्यों नाकाफी साबित हो रही है? प्रशासन को अब कड़े कदम उठाने होंगे। छात्र संगठनों ने हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है।उत्तराखंड सरकार को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित हो। यूनिवर्सिटी प्रबंधन को गुटबाजी रोकने हेतु काउंसलिंग सेशन शुरू करने पड़ेंगे। वरना, शिक्षा का केंद्र अपराध का अड्डा बन जाएगा। दिव्यांशु जैसे युवाओं का बलिदान व्यर्थ न जाए। समाज को एकजुट होकर ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी।
