हल्द्वानी: होली के रंगों के साथ हल्द्वानी में शराब का नशा भी खूब छलका। एक से चार मार्च तक चले होली पर्व के दौरान शहर के लोगों ने सात करोड़ रुपये की शराब पी डाली। यह आंकड़ा आबकारी विभाग की रिपोर्ट से सामने आया है, जो शहरवासियों की भारी भोजपुरी प्रवृत्ति को दर्शाता है। चार दिनों में कुल शराब की बिक्री का ग्राफ लगातार ऊंचा चढ़ता रहा, लेकिन चरम पर पहुंचा तीन मार्च को। होली से एक दिन पहले यानी इस तारीख पर रिकॉर्ड 47,570 शराब की बोतलें बिकीं, जिनकी कीमत चार करोड़ 21 लाख 57 हजार रुपये बताई गई।
लालकुआं और हल्द्वानी के बाजारों में शराब की दुकानों पर भीड़ उमड़ी रही, जिससे सड़कों पर भारी जाम लग गया।होली की धूम में शराब का दौर तो चला ही, लेकिन अवैध कारोबार ने भी जोर पकड़ लिया। पर्व को देखते हुए कई तस्करों ने अवैध तरीके से शराब की बिक्री शुरू कर दी। आबकारी विभाग की सतर्क टीम ने छापेमारी कर बड़ी सफलता हासिल की। एक कार्रवाई में 121 देशी शराब की बोतलें, 87 अंग्रेजी शराब की बोतलें और 520 लीटर कच्ची शराब जब्त की गई। इस अवैध धंधे में लिप्त 16 तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग ने प्राथमिकी दर्ज कराई। ये छापे हल्द्वानी और लालकुआं क्षेत्र में किए गए, जहां अवैध शराब का जाल फैला हुआ था।
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यह घटना न केवल होली के दौरान शराब की भारी खपत को उजागर करती है, बल्कि अवैध कारोबार पर प्रशासन की सख्ती को भी रेखांकित करती है। आबकारी विभाग का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में तस्करी पर अंकुश लगाएंगी। हालांकि, सात करोड़ की शराब खपत का आंकड़ा सामाजिक चेतना जगाने की जरूरत बताता है। विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों पर शराबबंदी अभियान चलाने से ऐसी स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सकता है। हल्द्वानी प्रशासन ने भी जागरूकता कार्यक्रमों की योजना बनाई है। कुल मिलाकर, होली की खुशियां शराब के नशे में डूब गईं, लेकिन कानून ने अवैधता पर लगाम कसी।
