स्पोर्ट्स डेस्क: खानचंद सिंह, भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता, का निधन हो गया है। ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। उनकी हालत पिछले कुछ दिनों से बेहद नाजुक बनी हुई थी। परिवार ने बताया कि तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन डॉक्टरों की सारी कोशिशों के बावजूद उन्हें बचा नहीं सकें।खानचंद सिंह का पार्थिव शरीर क्वारसी स्थित ओजोन कॉलोनी के उनके आवास पर पहुंचा दिया गया है। वहां शुभचिंतक, रिश्तेदार और आसपास के लोग सांत्वना देने के लिए उमड़ पड़े हैं। परिवार ने अंतिम संस्कार अलीगढ़ में करने का फैसला लिया है। इस दुखद क्षण में रिंकू सिंह भी जल्द पहुंचने वाले हैं। वर्तमान में रिंकू भारत की T20 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा हैं और दोपहर तक उनके घर पहुंचने की पूरी संभावना है।
टीम प्रबंधन ने उन्हें तुरंत भारत लौटने की अनुमति दे दी है। रिंकू सिंह का क्रिकेट सफर उनके पिता खानचंद सिंह से ही प्रेरित था। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले खानचंद सिंह एक साधारण किसान थे। उन्होंने अपने बेटे के सपनों को पंख दिए। रिंकू को क्रिकेटर बनाने के लिए उन्होंने अपनी सारी जमा-पूंजी लगा दी। याद है, रिंकू ने कई इंटरव्यू में बताया था कि पिता ने उन्हें कभी हार मानने नही दिया। स्टेडियम तक पहुंचाने के लिए साइकिल पर घंटों सफर करना पड़ता था। खानचंद जी की मेहनत रंग लाई और रिंकू ने IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए धमाकेदार प्रदर्शन किया। 2023 T20 वर्ल्ड कप में भी उनका योगदान सराहनीय रहा।पिछले कुछ महीनों से खानचंद सिंह की सेहत लगातार बिगड़ रही थी। स्टेज-4 लिवर कैंसर की चपेट में आने के बाद उनका इलाज यथार्थ हॉस्पिटल में चल रहा था।
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परिवार ने बताया कि वह दर्द सहते हुए भी बेटे रिंकू की खबरों पर नजर रखते थे। रिंकू की T20 वर्ल्ड कप टीम में जगह मिलने पर वे बेहद खुश हुए थे। लेकिन कैंसर ने आखिरकार उन्हें छीन लिया। डॉक्टरों के मुताबिक, स्टेज-4 में रोगी की हालत बहुत नाजुक रहती है और इलाज मुश्किल हो जाता है। खानचंद जी ने हिम्मत नहीं हारी, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। क्रिकेट जगत इस खबर से स्तब्ध है। पूर्व क्रिकेटरों ने सोशल मीडिया पर संवेदनाएं व्यक्त की हैं। BCCI ने भी शोक व्यक्त किया है। रिंकू के प्रशंसक दुखी हैं, क्योंकि उनके हीरो को इतना बड़ा सदमा लगा है। रिंकू सिंह ने IPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी फिनिशर वाली भूमिका से लाखों दिल जीते हैं। 2023 में इंग्लैंड के खिलाफ 5 छक्कों की पारी यादगार है। ऐसे में पिता के निधन ने उन्हें तोड़ दिया होगा।
दोस्तों का कहना है कि रिंकू मजबूत इंसान हैं, लेकिन यह नुकसान अपूरणीय है।परिवार ने अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अलीगढ़ में स्थानीय लोग भी सहयोग के लिए तैयार हैं। रिंकू के दोपहर तक पहुंचने की उम्मीद है, तब अंतिम विदाई दी जाएगी। इस दुख की घड़ी में पूरे देशवासी रिंकू और उनके परिवार के साथ खड़े हैं। खानचंद सिंह जैसे पिता ही सच्चे नायक होते हैं, जो बिना शोहरत के बेटों को शिखर पर पहुंचाते हैं। उनकी आत्मा को शांति मिले।
