Author: Hemant Upadhyay

Hemant Upadhyay एक शिक्षक हैं जिनके पास 8 से अधिक वर्षों का अनुभव है। साहित्य के प्रति उनका गहरा लगाव हमेशा से ही रहा है, वे कवियों की जीवनी और उनके लेखन का अध्ययन करने में रुचि रखते है।, "चाय पर चर्चा" नामक पोर्टल के माध्यम से वे समाज और साहित्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं और इन मुद्दों के बारे में लिखते हैं ।

परीक्षा तनाव का कारण और समाधान आजकल बच्चों में परीक्षा का डर, तनाव और आत्मविश्वास मे कमी एक आम समस्या बन गई है। जैसे-जैसे परीक्षा का समय नजदीक आता है, बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ने लगता है। यह न केवल उनके अध्ययन पर असर डालता है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और प्रदर्शन को भी कमजोर कर सकता है। आज हमारे इस लेख में आप परीक्षा तनाव को समझेंगे, इसके कारणो को जानेंगे, और इससे निपटने के लिए प्रभावी उपायों पर चर्चा करेंगे। परीक्षा तनाव क्या है? परीक्षा आने से कुछ समय पहले हमारे अंदर घबराहट, बेचैनी…

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स्वामी विवेकानंद और राष्ट्रीय युवा दिवस का महत्व (युवा शक्ति को समर्पित एक प्रेरणा) भारत के आध्यात्मिक और बौद्धिक पुनर्जागरण के ताने-बाने में, स्वामी विवेकानंद एक उज्ज्वल दीपक के रूप में विद्यमान हैं उनका जीवन युवा पीढ़ियों के लिए पथ पारदर्शित करने का कार्य करता है हैं।स्वामी विवेकानंद जी एक ऐसे महापुरुष और योगी, जिनका नाम सुनते ही भारतीय युवाओं के मन में प्रेरणा और आत्मविश्वास का एक अनोखा संचार होता है, उनके विचार और उनकी शिक्षाएँ आज भी हमारी ऊर्जा का स्रोत हैं। उनके जन्मदिवस को हर साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता…

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विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी: हिंदी भाषा के महत्व का उत्सव  विश्व हिंदी दिवस प्रतिवर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसे मनाने का उद्देश्य यह है कि हिंदी भाषा के महत्व को बढ़ावा मिले और यह हिंदी भाषा को वैश्विक मंच पर सम्मान देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। विश्व हिंदी दिवस विशेष रूप से हिंदी भाषा की समृद्धि और वैश्विक स्तर पर हमारी मातृभाषा के लिए समर्पित है। इस दिन के माध्यम से हम हिंदी भाषा की शक्ति, उसकी साहित्यिक समृद्धि व संस्कृति और दुनिया भर में इसके वर्चस्व को पहचानते हैं। हिंदी न केवल हमारी मातृभाषा है…

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अप्राप्यं नाम नेहास्ति धीरस्य व्यवसायिनः। अर्थात -जिस व्यक्ति में साहस और लगन है उसके लिए कुछ भी अप्राप्य नहीं है। परीक्षा की तैयारी: सफलता का मूलमंत्र परीक्षा का समय हर विद्यार्थी के लिए एक चुनौतीपूर्ण दौर होता है। यह वह समय है जब सही रणनीति और मेहनत के साथ अपनी क्षमताओं का सर्वोत्तम प्रदर्शन किया जा सकता है। हालांकि, परीक्षा की तैयारी के लिए केवल किताबें पढ़ना ही काफी नहीं है, बल्कि सही योजना और अनुशासन भी आवश्यक हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि परीक्षा की तैयारी कैसे करें और अपनी पढ़ाई को प्रभावी और परिणामोन्मुख कैसे बनाएं। किसी…

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कुंभ मेला: विश्व का सबसे बड़ा और पवित्रतम धार्मिक आयोजन कुंभ मेला, भारत का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन, विश्वभर में अपने अद्वितीय महत्व के लिए जाना जाता है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। कुंभ मेला हर बारह साल में चार पवित्र स्थानों—हरिद्वार, प्रयागराज (इलाहाबाद), उज्जैन और नासिक—पर आयोजित होता है। यह आयोजन न केवल भारत के धार्मिक इतिहास को सहेजता है, बल्कि इसे एक वैश्विक पहचान भी प्रदान करता है। कुंभ मेले का इतिहास: अमृत की खोज से कुम्भ तक कुंभ मेले का इतिहास पौराणिक है। यह…

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रहनुमाओं की अदाओं पे फ़िदा है दुनिया इस बहकती हुई दुनिया को सँभालो यारो। कैसे आकाश में सुराख़ हो नहीं सकता एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो।। प्रेमी प्रेमिकाओं के प्यार भरे नगमे जिन गजलों की नीव हुआ करते थे। जो गजलें मयखानों की शामें रंगीन किया करती थी।जिन गजलों मे प्रेमिकाओं के जुल्फों की बातें कही जाती थी, वह गजलें अचानक से इंकलाब उगलती हुई चौक चौराहों तक पहुंच गई। उन गजलों की नींव को ही बदल कर रख दिया एक ऐसे कवि और गजल सम्राट दुष्यंत कुमार ने। दुष्यंत कुमार ने गजलों की परिभाषा ही बदल दी,उनकी…

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मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व जो समूचे भारत में अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। उत्तर भारत के ज्यादातर इलाकों में इसे मकर संक्रान्ति के रूप मे मनाया जाता है वहीं तमिलनाडु मे इसे ताइ पोंगल, असम मे बिहू, कर्नाटक मे मकर संक्रमण, जम्मू मे माघी संगरांद, बिहार और उत्तरप्रदेश मे खिचड़ी एवं उत्तराखंड मे इसे उत्तरैणी और घुघुतिया त्योहार के रूप मे भी मनाया जाता है। मकर संक्रांति 2025 की तिथि और महत्व हिन्दू पंचांग के अनुसार आने वाले नूतन आंग्ल नव वर्ष 2025 में हिंदू पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन…

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एक सशक्त राजनेता,एक संवेदनशील कवि, और विराट व्यक्तित्व वाले वह महानायक, जिन्होंने अपने अद्भुत नेतृत्व से पूरी दुनिया को दिखाई थी भारत की ताकत,उन्हीं महापुरुष पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वी जयंती पर उन्हें हम नमन करते हैं। इस बार 25 दिसंबर 2024 को भारत के यशस्वी पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म शताब्दी वर्ष है। ये भारत माँ के एक ऐसे सच्चे सपूत हैं जिनका जीवन आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है। अटल बिहारी वाजपेयी: जीवन परिचय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म 25 दिसम्बर 1924…

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राष्ट्रीय गणित दिवस 2024: गणितीय प्रतिभा का उत्सव राष्ट्रीय गणित दिवस हर साल 22 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन भारत के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के रूप में समर्पित है। उनकी अद्वितीय प्रतिभा और गणित में उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए, भारत सरकार ने 2012 में इस दिन को राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में घोषित किया। यह दिन न केवल रामानुजन के योगदान को याद करता है, बल्कि गणित के महत्व को बढ़ावा देने और छात्रों को इस क्षेत्र में प्रेरित करने का अवसर भी प्रदान करता है। राष्ट्रीय गणित दिवस का इतिहास…

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18 दिसम्बर को साहित्य अकादमी ने 21 भाषाओं के रचनाकारों को वर्ष 2023-24 का, प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा की है। जिसमें हिन्दी के लिए प्रख्यात कवयित्री “गगन गिल” को उनके कविता संग्रह ‘मैं जब तक आई बाहर’ के साहित्य अकादमी पुरस्कार देने का ऐलान किया है। कौन है गगन गिल (gagan gill)? – सुपरिचित कवयित्री गगन गिल का जन्म 19 नवंबर 1959 को नई दिल्ली में हुआ। 1983 में प्रकाशित उनके पहले काव्य-संग्रह ‘एक दिन लौटेगी लड़की’ और 1984 में भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से वह चर्चा में आईं। उन्हें (1984) मे ‘भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार ’ , (1989)…

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