द्वाराहाट: नौबाड़ा- नैथना देवी मंदिर समिति के आगामी चुनाव को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। चुनाव दिल्ली में आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद गाँव में रहने वाले समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों के बीच कई सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब समिति का संबंध गाँव स्थित नैथना देवी मंदिर से है और मंदिर भी गाँव में ही स्थित है, तो समिति का चुनाव दिल्ली में आयोजित करने का क्या औचित्य है?
क्षेत्र की जनता का कहना है कि नैथना देवी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि गाँव और क्षेत्र की आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता से जुड़ा प्रमुख केंद्र है। मंदिर से जुड़ी समिति में ऐसे अनेक सदस्य और श्रद्धालु हैं, जो वर्तमान में गाँव में रहते हैं। ऐसे में यदि चुनाव दिल्ली में कराया जाता है तो गाँव में निवास कर रहे कई सदस्यों के लिए चुनाव में पहुंचना मुश्किल हो सकता है। इसका सीधा असर उनकी चुनावी भागीदारी और मताधिकार पर पड़ सकता है।
ग्रामीणों का सवाल है कि जब मंदिर गाँव में है और समिति की गतिविधियों का मूल केंद्र भी यही मंदिर है, तो चुनाव का आयोजन भी मंदिर परिसर में क्यों न किया जाए?लोगों का मानना है कि मंदिर परिसर में चुनाव कराने से गाँव में रहने वाले सदस्यों को आसानी से मतदान में शामिल होने का अवसर मिलेगा। साथ ही, दिल्ली अथवा अन्य स्थानों पर रहने वाले सदस्य भी यदि समिति के पात्र मतदाता हैं, तो वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चुनाव में हिस्सा ले सकते हैं। इससे किसी एक स्थान पर रहने वाले सदस्यों को अतिरिक्त सुविधा मिलने के बजाय सभी पात्र सदस्यों की समान भागीदारी सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जा सकेगा।
ग्रामीणों की मांग यह नहीं है कि चुनाव किसी व्यक्ति या समूह के पक्ष में कराया जाए, बल्कि उनकी मांग चुनाव के स्थान और प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता, समान अवसर और व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने की है। क्षेत्र की जनता चाहती है कि चुनाव की पूरी प्रक्रिया संबंधित नियमों और समिति के पंजीकृत दस्तावेजों के अनुरूप हो तथा सभी पात्र सदस्यों को मतदान का समान अवसर मिले। यदि चुनाव गाँव स्थित मंदिर परिसर में कराया जाता है, तो स्थानीय सदस्यों की भागीदारी बढ़ने के साथ-साथ चुनाव को मंदिर और गाँव से जोड़ने वाली भावना भी मजबूत हो सकती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—नैथना देवी मंदिर गाँव में, समिति का मूल संबंध गाँव से और स्थानीय सदस्य भी गाँव में मौजूद हैं, तो फिर चुनाव दिल्ली में ही क्यों ग्रामीणों की ओर से संबंधित अधिकारियों और माननीय डिप्टी रजिस्ट्रार महोदय से आग्रह किया गया है कि चुनाव के स्थान पर पुनर्विचार किया जाए और सभी पात्र सदस्यों की सुविधा, समान भागीदारी तथा निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए चुनाव नैथना देवी मंदिर परिसर में कराने की संभावना पर आवश्यक निर्णय लिया जाए।
आखिर चुनाव किसी एक स्थान या व्यक्ति का नहीं, बल्कि समिति के सभी पात्र सदस्यों के लोकतांत्रिक अधिकार और सहभागिता का विषय है। इसलिए क्षेत्र की जनता उम्मीद कर रही है कि चुनाव की प्रक्रिया ऐसी हो, जिसमें गाँव में रहने वाले सदस्यों सहित सभी पात्र सदस्यों को अपने मताधिकार के प्रयोग का उचित और समान अवसर मिल सके।
