द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने और समाज में जागरूकता की अलख जगाने वाले राजकीय इंटर कॉलेज चित्रेश्वर के जीव विज्ञान प्रवक्ता जमुना प्रसाद तिवारी को प्रतिष्ठित ‘ज्ञान गंगा सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। देहरादून स्थित मुख्यमंत्री सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें स्मृति चिह्न और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है और शिक्षकों व सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
जमुना प्रसाद तिवारी को यह सम्मान उनके शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाने के प्रयासों के लिए प्रदान किया गया। वे लंबे समय से विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ-साथ स्वच्छता, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
तिवारी द्वारा एनएसएस एवं स्काउट शिविरों में जागरूकता व्याख्यान देकर विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जाता है। उनका मानना है कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होनी चाहिए। इसी सोच के साथ वे अपने शिक्षण कार्य के अलावा विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय योगदान देते रहे हैं।
विशेष रूप से कैंसर जागरूकता अभियान और अन्य जनजागरूकता कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों तक महत्वपूर्ण जानकारियां पहुंचाने तथा विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में उनके प्रयासों को सम्मान के लिए महत्वपूर्ण माना गया। कुसुम कांता फाउंडेशन एवं मंथन वेलफेयर सोसाइटी, देहरादून की ओर से उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रदान किए जाने वाले इस सम्मान के लिए इस वर्ष जमुना प्रसाद तिवारी का चयन किया गया। सम्मान प्राप्त होने पर विद्यालय परिवार, क्षेत्रवासियों और उनके शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल है। समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तिवारी को सम्मानित करते हुए उनके कार्यों की सराहना की। सम्मान समारोह में मौजूद लोगों ने भी शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके योगदान को सराहा।
जमुना प्रसाद तिवारी की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों की पहचान है, बल्कि द्वाराहाट क्षेत्र और पूरे अल्मोड़ा जनपद के लिए भी गौरव का विषय है। एक शिक्षक के रूप में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के साथ सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अन्य शिक्षकों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का संदेश देती है। ज्ञान, शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से समाज को बेहतर बनाने की दिशा में जमुना प्रसाद तिवारी के प्रयासों को मिला यह सम्मान निश्चित रूप से उनके समर्पण की एक बड़ी पहचान है।
