दृष्टिबाधित और आंशिक रूप से दृष्टिहीन लोगों के मानवाधिकारों की प्राप्ति में संचार के साधन के रूप में ब्रेल (Braille) के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 4 जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस (World Braille Day) मनाया जाता है।
यह दिन केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह दृष्टिबाधित लोगों के लिए स्वतंत्रता, शिक्षा और सम्मान का प्रतीक है। यह दिन ब्रेल लिपि के आविष्कारक लुई ब्रेल (Louis Braille) की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने अपनी नेत्रहीनता को कमजोरी न मानकर दुनिया के करोड़ों लोगों के लिए ‘अंधेरे में रोशनी’ का काम किया।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
| विषय | विवरण |
| त्योहार का नाम | विश्व ब्रेल दिवस (World Braille Day) |
| तारीख | 4 जनवरी |
| संस्थापक | संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) |
| पहली बार मनाया गया | 4 जनवरी 2019 |
| किसके सम्मान में | लुई ब्रेल (Louis Braille) के जन्मदिन पर |
| उद्देश्य | दृष्टिबाधित लोगों के अधिकारों और ब्रेल के महत्व के प्रति जागरूकता |
विश्व ब्रेल दिवस का इतिहास
विश्व ब्रेल दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र (United Nations) द्वारा की गई थी।
- प्रस्ताव: नवंबर 2018 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने निर्णय लिया कि ब्रेल लिपि के महत्व को पहचानने के लिए एक विशेष दिन समर्पित किया जाना चाहिए।
- पहला दिवस: पहला आधिकारिक विश्व ब्रेल दिवस 4 जनवरी 2019 को मनाया गया।
- लुई ब्रेल का जन्म: 4 जनवरी को इसलिए चुना गया क्योंकि इसी दिन 1809 में फ्रांस के कूपव्रे (Coupvray) में लुई ब्रेल का जन्म हुआ था।
यह दिवस संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), विशेष रूप से लक्ष्य 4 (शिक्षा), लक्ष्य 10 (असमानता में कमी) और लक्ष्य 11 (समावेशी शहर) के साथ निकटता से जुड़ा हुआ है।
लुई ब्रेल कौन थे? (Who was Louis Braille?)
लुई ब्रेल का जीवन संघर्ष और जीत की एक अद्भुत कहानी है।
बचपन और दुर्घटना: लुई का जन्म 4 जनवरी 1809 को फ्रांस में हुआ था। मात्र 3 वर्ष की आयु में, अपने पिता की कार्यशाला में खेलते समय एक नुकीले औजार (Awl) से उनकी एक आंख में चोट लग गई। संक्रमण (Infection) फैलने के कारण 5 वर्ष की उम्र तक उनकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई।
आविष्कार की प्रेरणा: 1821 में, उन्होंने चार्ल्स बार्बियर (Charles Barbier) की “नाइट राइटिंग” (Night Writing) तकनीक के बारे में जाना, जो सैनिकों के लिए अंधेरे में संदेश पढ़ने के लिए बनाई गई थी।
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ब्रेल का निर्माण: लुई को लगा कि बार्बियर की प्रणाली बहुत जटिल है। उन्होंने मात्र 15 वर्ष की आयु में इसे संशोधित कर 6 डॉट्स (बिंदुओं) वाली एक सरल प्रणाली विकसित की, जिसे आज हम ब्रेल लिपि के नाम से जानते हैं।
ब्रेल लिपि क्या है? (What is Braille Script?)
अक्सर लोग सोचते हैं कि ब्रेल एक भाषा है, लेकिन ब्रेल एक भाषा नहीं, बल्कि एक कोड (Code) है।
- संरचना: ब्रेल लिपि में प्रत्येक अक्षर और संख्या को 6 बिंदुओं (Dots) के एक सेल में व्यवस्थित किया जाता है।
- कार्यप्रणाली: इन 6 बिंदुओं में से कुछ उभरे हुए होते हैं। दृष्टिबाधित व्यक्ति अपनी उंगलियों के पोरों (Fingertips) से इन उभरे हुए बिंदुओं को स्पर्श करके अक्षरों, शब्दों और वाक्यों को पढ़ते हैं।
- व्यापकता: ब्रेल का उपयोग न केवल वर्णमाला लिखने के लिए, बल्कि संगीत के नोटेशन (Musical Notations) और गणितीय प्रतीकों (Mathematical Symbols) के लिए भी किया जाता है।

विश्व ब्रेल दिवस का महत्व (Significance of World Braille Day)
आज के डिजिटल युग में भी ब्रेल का महत्व कम नहीं हुआ है। इसके प्रमुख महत्व निम्नलिखित हैं:
1. शिक्षा और साक्षरता (Education and Literacy)
ब्रेल साक्षरता, दृष्टिबाधित लोगों के लिए शिक्षा की नींव है। यह उन्हें व्याकरण, वर्तनी और वाक्यों की संरचना सीखने में मदद करता है, जो केवल ऑडियो सुनकर सीखना मुश्किल हो सकता है।
2. स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता (Independence)
ब्रेल का ज्ञान दृष्टिबाधित व्यक्तियों को स्वतंत्र बनाता है। वे दवाइयों के लेबल पढ़ सकते हैं, लिफ्ट के बटन पहचान सकते हैं, और एटीएम का उपयोग कर सकते हैं।
3. रोजगार के अवसर (Employment Opportunities)
अध्ययनों से पता चला है कि जो दृष्टिबाधित लोग ब्रेल जानते हैं, उनके पास रोजगार पाने की संभावना उन लोगों की तुलना में अधिक होती है जो केवल वॉयस कमांड या ऑडियो पर निर्भर हैं।
4. मानवाधिकार और समावेशन (Human Rights and Inclusion)
संयुक्त राष्ट्र के “विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों पर कन्वेंशन” (CRPD) के अनुच्छेद 2 में ब्रेल को संचार का एक महत्वपूर्ण साधन माना गया है। यह समाज में समावेशन (Inclusion) सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
2026 में ब्रेल और तकनीक (Braille in the Age of AI and Technology)
क्या AI और ऑडियोबुक्स के जमाने में ब्रेल पुराना हो गया है? बिल्कुल नहीं। तकनीक ने ब्रेल को और अधिक सुलभ बना दिया है।
- रिफ्रेशेबल ब्रेल डिस्प्ले (Refreshable Braille Displays): ये इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हैं जो कंप्यूटर या स्मार्टफोन की स्क्रीन पर लिखे टेक्स्ट को वास्तविक समय में ब्रेल में बदलते हैं।
- ब्रेल प्रिंटर (Braille Embossers): अब किसी भी डिजिटल दस्तावेज़ को आसानी से ब्रेल में प्रिंट किया जा सकता है।
- AI और ब्रेल: एआई टूल्स अब ब्रेल अनुवाद (Braille Translation) को अधिक सटीक और तेज बना रहे हैं, जिससे दृष्टिबाधित छात्रों को सामान्य छात्रों के साथ पढ़ने में आसानी होती है।
भारत में ब्रेल की स्थिति (Status of Braille in India)
भारत में भी ब्रेल का व्यापक उपयोग होता है। भारत ने “भारती ब्रेल” (Bharati Braille) को अपनाया है, जो भारतीय भाषाओं के लिए एक एकीकृत ब्रेल लिपि है। इसका उपयोग हिंदी, तमिल, मराठी, गुजराती आदि भाषाओं में किया जा सकता है।
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भारत सरकार और कई एनजीओ (NGOs) मिलकर दृष्टिबाधित लोगों के लिए ब्रेल पाठ्यपुस्तकें और संसाधन उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे हैं।
विश्व ब्रेल दिवस 2026 हमें याद दिलाता है कि एक न्यायपूर्ण और समावेशी दुनिया बनाने के लिए हमें हर व्यक्ति की क्षमताओं को पहचानना होगा। लुई ब्रेल का आविष्कार केवल बिंदुओं का एक सेट नहीं है; यह ज्ञान, स्वतंत्रता और शक्ति का प्रतीक है।
हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सार्वजनिक स्थान, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और शिक्षा प्रणाली दृष्टिबाधित लोगों के लिए सुलभ हो। आइए इस दिन हम संकल्प लें कि हम “अंधेरे से प्रकाश” की ओर ले जाने वाली इस लिपि को बढ़ावा देंगे।
