नोएडा: नोएडा के सेक्टर-39 इलाके में वैलेंटाइन डे की शाम एक प्रेम कहानी का दर्दनाक और खूनी अंत हो गया। एक सफेद कार के अंदर मिले सुमित और रेखा के शवों ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सुमित ने पहले अपनी प्रेमिका रेखा को गोली मारी और फिर खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से साफ जाहिर हुआ कि दोनों के सिर में गोली फंसी हुई थी। घटना से एक साल पुराना एक नोट भी बरामद हुआ, जिसमें सुमित ने रेखा से दूर रहने की बात लिखी थी। दोनों अलग-अलग जातियों से थे, जिसके कारण परिवारों में शादी को लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था। दिल दहला देने वाली यह घटना प्यार, जातिवाद और सामाजिक दबाव की काली सच्चाई को उजागर करती है। सुमित और रेखा की प्रेम कहानी स्कूल के दिनों से शुरू हुई थी। दोनों की पहली मुलाकात दिल्ली के त्रिलोकपुरी स्थित एक पब्लिक स्कूल में हुई। कक्षा 10वीं और 12वीं तक साथ पढ़ाई करते हुए उनकी दोस्ती धीरे-धीरे गहरे प्यार में बदल गई। शुरुआती दिनों में परिवारों को दोनों के रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं थी।
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सुमित और रेखा एक-दूसरे के घर पढ़ाई के बहाने आते-जाते थे। पारिवारिक समारोहों में भी दोनों की मौजूदगी आम बात थी। लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ी, जातिगत भेदभाव ने उनके सपनों पर साया डाल दिया। परिवार वालों ने साफ मना कर दिया कि अलग जाति से शादी कभी नहीं होगी।12वीं के बाद दोनों ने अलग-अलग राहें चुनीं, लेकिन प्यार की डोर कमजोर नहीं पड़ी। रेखा ने बीकॉम की डिग्री हासिल की और नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी शुरू कर दी। वहीं सुमित का शौक क्रिकेट था। वह विभिन्न राज्यों में मैच खेलने जाता रहा। बाद में उसने पिता की मदद से पानी की सप्लाई का कारोबार शुरू किया। मेहनत रंग लाई और सुमित ने नोएडा में अपना फ्लैट तक खरीद लिया। अच्छी कमाई होने लगी। वह रेखा से शादी का सपना संजोए फिर रहा था। लेकिन परिवारों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा था।
सुमित ने एक साल पहले लिखे नोट में रेखा से दूरी बनाने की बात कही थी, शायद दबाव में आकर। फिर भी, प्यार ने उन्हें 14 फरवरी को एक साथ खींच लिया।घटना वाले दिन सुमित ने रेखा को सेक्टर-39 बुलाया। सफेद कार में दोनों मिले। एक दिन पहले ही सुमित ने किसी दोस्त को मरने का मैसेज भेजा था, जो पुलिस को बाद में मिला। वैलेंटाइन डे पर कार के अंदर खून से सना नजारा मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। अवैध पिस्टल भी बरामद हुई। एसएसपी ने बताया कि दोनों ने जानबूझकर यह कदम उठाया। नोट और मैसेज से साफ है कि जातिगत दबाव ने उन्हें तोड़ दिया।
