कोटद्वार: कोटद्वार में हाल के दिनों का बवाल अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ चुका है। उत्तराखंड के इस छोटे से शहर में शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एंट्री हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ट्वीट कर मोहम्मद दीपक को ‘भारत का हीरो’ करार दिया है। राहुल ने लिखा, “उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं। दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं। उस संविधान के लिए जिसे बीजेपी और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साजिश कर रहे हैं। वे नफरत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है। संघ परिवार जानबूझकर देश में आर्थिक और सामाजिक ज़हर घोल रहा है, ताकि भारत बंटा रहे और कुछ लोग डर के सहारे राज करते रहें। यह ट्वीट कोटद्वार बवाल के संदर्भ में आया है, जहां मोहम्मद दीपक नामक एक युवक को कथित तौर पर धार्मिक तनाव के बीच शांति बनाए रखने और इंसानियत का परिचय देने के लिए सराहा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर शुरू हुआ यह मामला अब उत्तराखंड की सियासत को हिला रहा है।
कोटद्वार, जो पौड़ी गढ़वाल जिले का एक महत्वपूर्ण शहर है, यहां हाल ही में धार्मिक जुलूस और स्थानीय विवाद के कारण तनाव फैला। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक धार्मिक आयोजन के दौरान दो समुदायों के बीच बहस हो गई, जिसमें दीपक ने बीच-बचाव कर हिंसा को रोका। सोशल मीडिया पर उनके इस कदम को वायरल होते ही राजनीतिक दल सक्रिय हो गए। राहुल गांधी का यह बयान बीजेपी और संघ परिवार पर सीधा हमला है। वे संविधान को रौंदने और नफरत फैलाने का आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस नेता का मानना है कि दीपक जैसे लोग देश में मोहब्बत और एकता का प्रतीक हैं, जबकि सत्ता पक्ष डर का माहौल बनाकर सियासत चला रहा है। राहुल का यह ट्वीट उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भी देखा जा रहा है। राज्य में बीजेपी की मजबूत पकड़ के बावजूद कांग्रेस स्थानीय मुद्दों को उठाकर जनाधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। कोटद्वार जैसे संवेदनशील इलाकों में धार्मिक सद्भाव का मुद्दा उठाकर वे अल्पसंख्यक वोट बैंक को एकजुट करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
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उत्तराखंड में धार्मिक तनाव कोई नई बात नहीं। पहाड़ी राज्य में हिंदू-मुस्लिम समुदाय सदियों से साथ रहते आए हैं, लेकिन हाल के वर्षों में सोशल मीडिया और राजनीतिक बयानों ने छोटे-मोटे विवादों को बड़ा रूप दे दिया है। कोटद्वार में इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने शांति समितियों की बैठकें बुलाईं और धारा 144 लागू कर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। लेकिन राहुल गांधी के ट्वीट ने इसे राष्ट्रीय पटल पर ला दिया। विपक्षी नेता ने दीपक को संविधान का रक्षक बताकर बीजेपी पर उल्टा प्रहार किया है। उनका कहना है कि संघ परिवार आर्थिक और सामाजिक जहर घोल रहा है, जिससे देश बंटा रहे।बीजेपी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन स्थानीय नेताओं ने इसे कांग्रेस की ‘वोटबैंक सियासत’ करार दिया है। कोटद्वार से बीजेपी विधायक मंडल सिंह बिष्ट ने कहा कि राहुल गांधी झूठे हीरो बनाकर वास्तविकता को तोड़-मरोड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बवाल में कोई हिंसा नहीं हुई और प्रशासन ने समय रहते नियंत्रण कर लिया। वहीं, कांग्रेस के स्थानीय नेता करन माहरा ने राहुल के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि दीपक जैसे युवा ही उत्तराखंड की पहचान हैं। वे पौड़ी गढ़वाल से सांसद हैं और इस मुद्दे को संसद में उठाने का ऐलान कर चुके हैं।
यह घटना उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता को भी उजागर करती है। राज्य में कुमाऊंनी और गढ़वाली संस्कृति के साथ मुस्लिम समुदाय का योगदान भी महत्वपूर्ण है। कोटद्वार जैसे शहर व्यापारिक केंद्र हैं, जहां विभिन्न समुदाय मिल-जुलकर रहते हैं। मोहम्मद दीपक का मामला इसी सद्भाव का उदाहरण है। उन्होंने कथित तौर पर विवाद के दौरान दोनों पक्षों को समझाया और कहा, “हम सब एक हैं, नफरत से कुछ हासिल नहीं होगा।” उनका यह बयान वायरल हो गया, जिसे राहुल गांधी ने राजनीतिक रंग देकर उठाया।राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो राहुल गांधी की यह रणनीति ‘भारत जोड़ो’ अभियान की तर्ज पर है। वे लगातार नफरत के खिलाफ मोहब्बत का संदेश दे रहे हैं। कोटद्वार बवाल अब सिर्फ स्थानीय घटना नहीं, बल्कि संविधान, एकता और सियासत का प्रतीक बन चुका है। प्रशासन को सतर्क रहना होगा ताकि यह विवाद न फैले। साथ ही, राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी से बयानबाजी करनी चाहिए। दीपक जैसे लोग ही देश को आगे ले जा सकते हैं, बशर्ते सियासत उनके योगदान को तोड़े-मरोड़ न दे।
