द्वाराहाट। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग एक बार फिर तेज़ हो गई है। रविवार को द्वाराहाट बाजार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे, “अंकिता को न्याय दो” और “भाजपा सरकार जवाब दो” जैसे नारों से पूरा बाजार गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने चौराहे पर भाजपा का पुतला फूंककर सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया।इस मौके पर द्वाराहाट से कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट ने कहा कि अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है।

यह घटना सिर्फ एक बेटी की हत्या नहीं, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था की भयावह तस्वीर पेश करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार न्याय दिलाने के बजाय आरोपियों को बचाने में लगी हुई है। “सरकार ने अपनी भूमिका को स्पष्ट नहीं किया। ऐसे में जनता के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या सत्ता दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है?”—उन्होंने सवाल उठाया। विधायक बिष्ट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरतेगी। “हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिल जाता। सड़क से लेकर सदन तक हम इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेंगे,” मदन सिंह बिष्ट (विधायक)
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प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष, नगर अध्यक्ष, महिला कांग्रेस की पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होती और कानून व्यवस्था सख्त होती, तो ऐसी घटनाएं दोबारा न होतीं।कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि सरकार इस मामले की जांच की पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक करे ताकि लोगों को सच पता चल सके। कार्यकर्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार और उसके जांच एजेंसियों की धीमी कार्रवाई से लोगों का भरोसा उठने लगा है।
“हमारी मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दी जाए और जांच पारदर्शी तरीके से की जाए,”—कांग्रेसियों ने कहा।स्थानीय लोगों ने भी कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया और कहा कि अंकिता जैसी बेटियों के साथ न्याय होना समाज के आत्मसम्मान से जुड़ा मामला है। द्वाराहाट बाजार में जुटी भीड़ ने एक स्वर में कहा कि जब तक अंकिता के हत्यारों को कठोरतम सजा नहीं मिलती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।ज्ञात हो कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने 2022 में पूरे देश का ध्यान उत्तराखंड की ओर खींचा था। रिजॉर्ट में काम करने वाली अंकिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या के बाद प्रदेशभर में गुस्से की लहर दौड़ गई थी। लोगों ने सरकार से न्याय और पारदर्शी जांच की मांग की थी। आज भी यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में चल रहा है, और जनता उम्मीद लगाए बैठी है कि दोषियों को सख्त सजा मिलेगी ताकि ऐसी कोई बेटी फिर किसी की दरिंदगी की शिकार न बने।



