हल्द्वानी: हल्द्वानी के काठगोदाम थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने समाज को झकझोर दिया है। मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे एक 15 वर्षीय 10वीं कक्षा की किशोरी मोहल्ले की दुकान से सामान लेने गई थी। वहां किराये पर रहने वाले दो युवकों—अल्मोड़ा के दन्या थानांतर्गत नौगांव निवासी मोहित (20) और प्रदीप (24)—ने उसे घुमाने के बहाने कार में बिठा लिया। दोनों ने किशोरी को हैड़ाखान मार्ग पर ले जाकर कार में ही शराब पिलाई और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। मिली जानकारी के अनुसार एक बेहद गंभीर मामला है, जो नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की ओर इशारा करता है।
परिजनों को जब देर रात साढ़े दस बजे तक बेटी न लौटने पर चिंता हुई, तो वे काठगोदाम थाने पहुंचे। पुलिस के साथ मिलकर खोजबीन शुरू की गई। हैड़ाखान सड़क पर एक संदिग्ध कार दिखी, जिसमें किशोरी बेहोशी की हालत में पड़ी थी और दोनों आरोपी मौजूद थे। प्रभारी एसओ दिलीप सिंह ने तुरंत कार्रवाई की। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसे परिजनों को सौंप दिया गया। आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया और कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
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घटना में प्रयुक्त कार को जब्त कर लिया गया है। यह मामला पॉक्सो कानून के दायरे में आता है, जो नाबालिगों के यौन शोषण के खिलाफ सख्त प्रावधान रखता है। आरोपी अल्मोड़ा जिले के रहने वाले हैं और स्थानीय स्तर पर किराये पर रहते थे। प्रारंभिक जांच में पता चला कि वे किशोरी को पहले से जानते थे, जो मोहल्ले में ही रहती थी। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है, जिसमें शराब की बोतलें और अन्य साक्ष्य शामिल हैं। यह घटना उत्तराखंड में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। हल्द्वानी जैसे शहरों में बढ़ते अपराधों के बीच अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है। किशोरियां अक्सर परिचितों के जाल में फंस जाती हैं, खासकर घुमाने-फिराने के लालच में। समाज को एकजुट होकर ऐसे अपराधों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। पॉक्सो एक्ट के तहत न्यूनतम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है, जो अपराधियों के लिए चेतावनी है। सरकार और एनजीओ को जागरूकता अभियान चलाने चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं रुकें।
