रुड़की: गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के पनियाला चंदापुर में सोमवार दोपहर एक ऐसी वारदात हुई, जिसने पूरे इलाके को सन्नाटे में डुबो दिया। आंबेडकर पार्क में खेल रहे बच्चों के बीच मामूली विवाद ने विकराल रूप धारण कर लिया और एक 12 वर्षीय मासूम भानू पुत्र बालेंद्र की जान ले ली। खेलते समय हुए इस झगड़े में एक नाबालिग ने भानू के सिर पर डंडे से वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार ने उसे निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि मृतक के पिता की तहरीर पर आरोपी नाबालिग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।घटना की जानकारी देते हुए मृतक के पिता बालेंद्र ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 2 बजे उनका बेटा भानू आंबेडकर पार्क में पड़ोस के अन्य बच्चों संग क्रिकेट खेल रहा था।
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खेल के दौरान बच्चों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। झगड़े में उग्रता बढ़ गई और एक अन्य नाबालिग ने भानू के सिर पर डंडे से जोरदार प्रहार कर दिया। वार इतना घातक था कि भानू तुरंत गिर पड़ा। पार्क में मौजूद अन्य बच्चे डर के मारे मौके से भाग निकले। घायल भानू किसी तरह घर पहुंचा और परिवार को सिर पर चोट लगने की बात बताते हुए बेहोश हो गया। परिवार वाले फौरन उसे बीएसएम तिराहा स्थित निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर बताते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही भानू ने दम तोड़ दिया।पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया।
गंगनहर कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मृतक के पिता की शिकायत पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या) एवं अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी नाबालिग की पहचान हो चुकी है और उसकी तलाश जारी है। चूंकि मामला नाबालिगों से जुड़ा है, इसलिए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। साथ ही, वारदात के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव न फैले, इसके लिए शांति समितियों की बैठक बुलाई गई है। क्षेत्र में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।यह घटना न केवल परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है।
आंबेडकर पार्क जैसे सार्वजनिक स्थलों पर बच्चों का खेलना आम है, लेकिन अभिभावकों की लापरवाही और पर्यवेक्षण की कमी ने इसे त्रासदी बना दिया। भानू एक होनहार छात्र था, जो पड़ोस के प्राइमरी स्कूल में पढ़ता था और खेल-कूद में रुचि रखता था। उसके परिवार में मां, दो छोटे भाई-बहन हैं और पिता बालेंद्र मजदूरी करते हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसियों का कहना है कि पार्क में अक्सर बच्चे बिना किसी बड़े के खेलते हैं, जिससे छोटे-मोटे झगड़े आम हैं, लेकिन इस बार मामला जानलेवा हो गया।
