हल्द्वानी: हल्द्वानी में रविवार देर रात हुई गोलीबारी की घटना ने शहर को दहला दिया है। नगर निगम के एक भाजपा पार्षद पर एक युवक को गोली मारने का आरोप लगा है, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मामला किसी होटल की रेकी या आपराधिक साजिश से जुड़ा नहीं, बल्कि पार्षद के बेटे और मृतक युवक के बीच चल रहे पुराने विवाद का नतीजा है। घटना रविवार देर रात की है जब काठगोदाम क्षेत्र में रहने वाला 23 वर्षीय नितिन लोहानी अपने दोस्त के साथ पार्षद के घर के बाहर पहुंचा था। नितिन दिल्ली में पढ़ाई कर रहा था और 28 दिसंबर को ही अपने घर हल्द्वानी लौटा था। बताया जा रहा है कि वह रात करीब 11 बजे अपने दोस्त के साथ पार्षद के बेटे से मिलने गया था। मुलाकात के दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई।
विवाद बढ़ने पर पार्षद ने कथित तौर पर अपने लाइसेंसी हथियार से गोली चला दी, जो सीधे नितिन को जा लगी। गोली लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और युवक को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।गोलीकांड की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेन्सिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस के खोखे बरामद किए हैं और पार्षद के लाइसेंसी हथियार को सील कर लिया है। हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने पार्षद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। SSP नैनीताल ने बताया कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है — चाहे वह पारिवारिक रंजिश हो, व्यक्तिगत विवाद या आत्मरक्षा का दावा। फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फायरिंग के फॉरेंसिक साक्ष्य का इंतजार है।
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नितिन के परिजनों ने पार्षद और उसके बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि युवक के बीच पहले से कुछ कहासुनी होती रहती थी और इसी दुश्मनी में यह वारदात की गई। उधर, स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर रोष व्याप्त है। लोगों ने रविवार सुबह थाने पहुंचकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर भी घटना को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं और कई लोग इसे राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग बता रहे हैं। भाजपा स्थानीय नेतृत्व ने फिलहाल मामले पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि जांच में पार्षद की गलती साबित होती है, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई से इंकार नहीं किया जा सकता। पुलिस ने IPC की धारा 302 (हत्या) और Arms Act के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
हल्द्वानी जैसी शांत नगरी में हुई इस वारदात ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में बढ़ते राजनीतिक प्रभाव और व्यक्तिगत रंजिशों का इस तरह सार्वजनिक हिंसा में बदल जाना बेहद चिंता का विषय है। पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वह निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त सजा दिलाए और कानून व्यवस्था पर जनता का भरोसा बनाए रखे।
