सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर क्षेत्र में एक 24 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। युवती का शव शुक्रवार शाम किराये के मकान में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। युवती उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले की रहने वाली थी और अपने परिवार के साथ सोमेश्वर में किराये के मकान में रह रही थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कन्नौज निवासी एक परिवार सोमेश्वर में किराये पर रहकर मीट की दुकान संचालित करता है। परिवार की 24 वर्षीय युवती वंदना पुत्री खुशीराम भी उनके साथ रहती थी। शुक्रवार शाम करीब 112 पर पुलिस को सूचना मिली कि युवती ने आत्महत्या करने का प्रयास किया है। सूचना मिलते ही कोतवाल मदन मोहन जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो युवती वंदना मकान के फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ी हुई मिली। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, वंदना घर की बालकनी में लगे कुंडे से दुपट्टे के सहारे फंदे पर लटकी हुई थी। इसके बाद उसे नीचे उतारा गया और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने तत्काल युवती को उप जिला अस्पताल सोमेश्वर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। अचानक हुई इस घटना से परिजन सदमे में हैं। वहीं, क्षेत्र के लोगों में भी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि, युवती ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया और इसके पीछे क्या वजह रही, फिलहाल इसका खुलासा नहीं हो पाया है।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। कोतवाल मदन मोहन जोशी ने बताया कि घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। पुलिस मामले की हर कोण से जांच कर रही है। युवती की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पुलिस परिजनों से पूछताछ करने के साथ ही घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोमेश्वर में हुई इस घटना ने एक बार फिर किराये के मकानों में रह रहे परिवारों की सुरक्षा और ऐसी घटनाओं के पीछे छिपे कारणों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अब सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं।
