चमोली: उत्तराखंड में देर रात भूकंप के तेज झटके, कई जिलों में हिली धरती, घरों से बाहर निकले लोग इसके अलावा, रामनगर, नैनीताल, खटीमा, श्रीनगर गढ़वाल, हल्द्वानी और पौड़ी में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। उत्तरकाशी जनपद में भी 10:24 पर महसूस किए गए भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 4.4 रिक्टर रही और इसका केंद्र चमोली जिले के नारायणबगड़ के पास बताया गया है। जिला आपदा अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि बागेश्वर में भूकंप के झटके महसूस होने की जानकारी मिली है। फिलहाल जिले में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सोशल मीडिया और फोन कॉल के जरिए भी लोग एक-दूसरे से भूकंप की जानकारी साझा करते नजर आए। रात का समय होने के कारण अचानक आए इन झटकों ने लोगों को और अधिक डरा दिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 बताई जा रही है। वहीं भूकंप का केंद्र चमोली जिले के नारायणबगड़ के पास बताया गया है। हालांकि, भूकंप के केंद्र और तीव्रता को लेकर आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि संबंधित एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
बागेश्वर में भी भूकंप के झटके महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है। जिला आपदा अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि जिले में भूकंप के झटके महसूस होने की सूचना मिली है। राहत की बात यह है कि फिलहाल जिले में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। संबंधित क्षेत्रों से जानकारी जुटाई जा रही है और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
उत्तराखंड पहले से ही भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में रात के समय आए इन झटकों ने लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई है, जो राहत की बात है। फिलहाल प्रशासन की ओर से लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की जा रही है। अगर दोबारा भूकंप के झटके महसूस हों तो लोग शांत रहें, खुले और सुरक्षित स्थान पर जाएं तथा क्षतिग्रस्त इमारतों और बिजली के तारों से दूरी बनाए रखें।फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि उत्तराखंड के जिन-जिन इलाकों से भूकंप के झटकों की जानकारी सामने आई है, वहां अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
