नई दिल्ली: देशभर में चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है। आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और नागरिक मंचों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर मुंबई की सड़कों तक विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो चुका है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने तथा SIR के दौरान मतदाता सूचियों में कथित मनमानी और विसंगतियों को ठीक करने की है।
छावनी में तब्दील लुटियंस दिल्ली, पुलिस ने नहीं दी इजाजत
दिल्ली के ऐतिहासिक धरना स्थल जंतर-मंतर पर वामपंथी छात्र संगठन आईसा (AISA), सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र नेताओं और कई विपक्षी प्रतिनिधियों ने विशाल विरोध मार्च का आह्वान किया था। हालांकि, कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की आधिकारिक अनुमति नहीं दी। प्रशासन द्वारा इजाजत न दिए जाने के बावजूद भारी भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए पूरी लुटियंस दिल्ली को कड़ी सुरक्षा के घेरे में ले लिया गया है। संसद मार्ग, अशोक रोड और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग कर दी गई है। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों (CAPF/RAF) की भारी तैनाती की गई है, साथ ही दंगा नियंत्रण वाहनों को भी मुस्तैद रखा गया है।
सुरक्षा कारणों से दिल्ली के 11 मेट्रो स्टेशन बंद
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने पुलिस की सलाह पर एहतियातन मध्य दिल्ली के 11 महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए हैं:
बंद स्टेशन: राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, जनपथ, मंडी हाउस, उद्योग भवन/सेवा तीर्थ, लोक कल्याण मार्ग, दिल्ली हाट-आईएनए, नई दिल्ली, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और चावड़ी बाजार।
यात्रियों के लिए राहत: हालांकि गेट बंद हैं, लेकिन राजीव चौक, मंडी हाउस, आईएनए, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय पर यात्रियों के लिए मेट्रो इंटरचेंज (लाइन बदलने) की सुविधा सामान्य रूप से चालू रखी गई है। कई स्टेशनों के बंद होने से आम यात्रियों और दफ्तर जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मुंबई में CJP का हल्लाबोल, देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
इधर मुंबई में भी सियासी पारा चढ़ा हुआ है। शहर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। CJP नेतृत्व का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक शहर तक सीमित नहीं रहेगी; मुंबई से शुरू हुआ यह आंदोलन आने वाले दिनों में देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में फैलाया जाएगा।
‘इंडिया’ ब्लॉक का 2 से 8 अक्टूबर तक ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च
इस मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ ब्लॉक ने भी सरकार को चौतरफा घेरने की पुख्ता रणनीति तैयार कर ली है। गठबंधन की ओर से 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक देश के सभी जिला मुख्यालयों पर ‘सेव डेमोक्रेसी’ (लोकतंत्र बचाओ) मार्च निकालने की घोषणा की गई है। इसके अलावा, आंदोलन को धार देने के लिए आगामी 6 अक्टूबर को विपक्षी दलों के सभी सांसद दिल्ली में संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक विशाल पैदल मार्च निकालेंगे। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि SIR के नाम पर निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और लोकतंत्र की मूल भावना को आघात पहुंचाया जा रहा है।
