द्वाराहाट: स्याल्दे-बिखौती मेला, अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक, इस वर्ष भी अप्रैल में धूमधाम से आयोजित होने जा रहा है। द्वाराहाट नगर पंचायत सभागार में आयोजित बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष एवं मेला कमेटी अध्यक्ष संगीता आर्या की कुशल अध्यक्षता में मेले की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक ने न केवल आयोजन की रूपरेखा तय की, बल्कि स्थानीय समुदाय को उत्साह से भर दिया। कुमाऊंनी परंपराओं से जुड़े इस मेले में भक्ति, संस्कृति और व्यापार का अनूठा संगम देखने को मिलेगा, जो क्षेत्रवासियों के लिए वार्षिक उत्सव का रूप ले चुका है।
बैठक के प्रमुख फैसलों में सबसे पहले मेले का शुभारंभ 13 अप्रैल को विभाण्डेश्वर महादेव मंदिर से निर्धारित किया गया। यह मंदिर, जो प्राचीन आस्था का केंद्र है, मेले की शुरुआत को पावन बनाएगा। अगले दिन, 14 अप्रैल को वट पूजा का विशेष आयोजन होगा, जिसमें वट वृक्ष की पूजा कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। 15 अप्रैल को मुख्य मेला दिन होगा जहां भक्तों, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ उमड़ेगी। अंतिम दिन, 16 अप्रैल को मीना बाजार सजाया जाएगा, जो महिलाओं और बच्चों के लिए खरीदारी का स्वर्ग बनेगा। इन चार दिनों का यह क्रम मेले को व्यवस्थित और आकर्षक बनाने का प्रयास दर्शाता है।
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मुख्य मेले को और भव्य बनाने के लिए कुमाऊं रेजीमेंट रानीखेत से झांकी प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया है। सेना की परेड और झांकियां हमेशा दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं, जो मेले की शोभा बढ़ाएंगी। साथ ही, द्वाराहाट और आसपास के क्षेत्रों के सभी विद्यालयों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा झांकियों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। बच्चे-युवाओं की रचनात्मकता से नृत्य, संगीत और नाटक जैसे कार्यक्रमों से माहौल गुंजायमान हो जाएगा। यह कदम नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है, जो शिक्षा और परंपरा का सुंदर मेल रचेगा।
बैठक में आगे की तैयारियों के लिए 23 मार्च को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया। इसमें द्वाराहाट विधानसभा के विधायक एवं मेला कमेटी संरक्षक मदन सिंह बिष्ट विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। ग्राम प्रधानों, थोकदारों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित कर व्यापक सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। यह बैठक सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, बिजली-पानी व्यवस्था और स्टॉल आवंटन जैसे मुद्दों पर अंतिम रूप देगी। विधायक बिष्ट की उपस्थिति से सरकारी सहायता और प्रचार को बल मिलेगा, जिससे मेला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हो सके।
बैठक में मेला समिति के उपाध्यक्ष हेम रावत, सचिव नारायण सिंह रावत, प्रचार सचिव गोविंद सिंह अधिकारी, गिरीश चन्द्र चौधरी, अधिशासी अधिकारी जीवन सिंह रावत, नरेंद्र अधिकारी, जगत रौतेला, रमेश पुजारी, सभासद हेम मठपाल, नीरज साह, रेखा किरौला, नीतू देवी, दिनेश आर्या, डीपी चौधरी आदि प्रमुख सदस्य मौजूद रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक सुझाव दिए, जो मेले की सफलता की गारंटी हैं।यह मेला न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी। कुमाऊं क्षेत्र की लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यंजन और लोक नृत्यों से सजा यह मेला पर्यटकों को भी आकर्षित करता है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि सभी सुरक्षित रहें। द्वाराहाट प्रशासन की यह पहल क्षेत्रीय विकास और सांस्कृतिक संरक्षण में मील का पत्थर साबित होगी। स्थानीय निवासी पहले से ही तैयारियों में जुटे हैं, और 13 अप्रैल का इंतजार बेचैन कर रहा है।
