नैनीताल: देवभूमि उत्तराखंड के जनपद नैनीताल के रामनगर क्षेत्र की दो सगी बहनों, शालू सैनी और पिंकी सैनी की पेंटिंग की इस वक्त पूरे प्रदेश में तारीफ हो रही है. इन दोनों बहनों की कला ने सबको अचंभित कर दिया है. इनकी पेंटिंग को कला शिक्षक मंच के कैलेंडर में जगह मिली है.कला शिक्षक मंच हर वर्ष एक विशेष कैलेंडर प्रकाशित करता है, जिसमें बच्चों की कलात्मक प्रतिभा को स्थान दिया जाता है. इस बार प्रकाशित कैलेंडर में नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र की दो सगी बहनों, शालू सैनी और पिंकी सैनी की पेंटिंग को भी शामिल किया गया है।
दोनों बहनें राजकीय इंटर कॉलेज, छोई में पढ़ाई कर रही हैं. पिंकी 10वीं और शालू 11वीं कक्षा की छात्रा है. इस कैलेंडर में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों के 26 बच्चों की पेंटिंग्स प्रकाशित की गई हैं. इनमें शालू और पिंकी की कलाकृतियाँ भी शामिल हैं. उनकी पेंटिंग्स में उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक परिधान, लोक जीवन और प्राकृतिक सुंदरता की झलक देखने को मिलती है. अपनी चित्रकला के माध्यम से इन बहनों ने राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को अनूठे तरीके से प्रस्तुत किया है.
शालू और पिंकी बचपन से ही कला में रुचि रखती थीं. उन्होंने बिना किसी पेशेवर प्रशिक्षण के अपने चित्रकला कौशल को निखारा, अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने इस मुकाम को हासिल किया है. जब शिक्षक मंच ने उनकी पेंटिंग्स को कैलेंडर में स्थान देने के लिए चयनित किया, तो यह उनके लिए गर्व का क्षण था। इस उपलब्धि पर उनके शिक्षक अमरजीत सिंह ने दोनों बहनों को बधाई देते हुए कहा, “शालू और पिंकी की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत और कला के प्रति उनके समर्पण का परिणाम है. उनकी पेंटिंग्स में उत्तराखंड की संस्कृति को बहुत खूबसूरती से दर्शाया गया है।
वहीं, राजकीय इंटर कॉलेज छोई के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र जोशी ने भी छात्राओं की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘इन दोनों छात्राओं ने न केवल अपने स्कूल बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है. इनकी यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी’.भविष्य में और ऊंचाइयों तक पहुंचने का सपना:शालू और पिंकी अपनी इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं. दोनों बहनें आगे भी अपनी कला को निखारते हुए नई ऊंचाइयों तक पहुंचना चाहती हैं. वे अन्य बच्चों को भी कला के प्रति जागरूक करना चाहती हैं और उम्मीद करती हैं कि भविष्य में वो और भी बड़े मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर सकेंगी।
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