रुद्रपुर: उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में एक बार फिर महिलाओं के खिलाफ अपराध की शर्मनाक घटना ने समाज को झकझोर दिया है। सिडकुल स्थित एक कंपनी में काम करने वाली एक युवती के साथ कार सवार दो युवकों ने कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता ने ट्रांजिट कैंप थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा अभी फरार है। घटना सोमवार की है, जो औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है।शहर निवासी पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह सिडकुल की एक निजी कंपनी में कार्यरत है।
सोमवार सुबह वह ड्यूटी के लिए निकली थी। ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में वाहन का इंतजार करते हुए दो युवक कार में आए और उसे कंपनी तक छोड़ने का भरोसा दिलाया। भोलेपन में आकर वह कार में सवार हो गई। लेकिन जैसे ही वे सुनसान इलाके में पहुंचे, दोनों ने उस पर हमला बोल दिया। कार के अंदर ही आरोपी युवकों ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध स्थापित किए। बाद में पीड़िता को रास्ते में धकेल दिया और फरार हो गए।घटना की जानकारी मिलते ही ट्रांजिट कैंप थाने की पुलिस ने तत्परता दिखाई। पीड़िता के बयान पर दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376डी (सामूहिक दुष्कर्म) समेत अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल के साक्ष्य और अन्य सुरागों के आधार पर छापेमारी शुरू की। मंगलवार को एक आरोपी, राहुल दास को गिरफ्तार कर लिया गया। राहुल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के ग्राम गबिया सराय, थाना माधोटांडा का निवासी है, लेकिन हाल ही में रुद्रपुर की आदर्श कॉलोनी में रह रहा था।पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार को कंचन तारा होटल के पास लावारिस अवस्था में बरामद कर लिया। फोरेंसिक टीम ने कार से महत्वपूर्ण साक्ष्य संग्रहित किए, जिसमें पीड़िता के बाल समेत अन्य जैविक नमूने शामिल हैं। ये साक्ष्य आरोपी के खिलाफ मजबूत केस तैयार करने में सहायक सिद्ध होंगे। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया, “एक आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। दूसरे आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है। जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा।
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पीड़िता को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।”यह घटना सिडकुल जैसे व्यस्त औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है। यहां हजारों युवतियां रोजाना काम पर जाती हैं, लेकिन लिफ्ट या अज्ञात वाहनों पर भरोसा करना जानलेवा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते अपराधों के बीच सख्त निगरानी, सीसीटीवी विस्तार और जागरूकता अभियान जरूरी हैं। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने पीड़िता के लिए न्याय की मांग की है और दोषियों को कड़ी सजा देने की अपील की।पिछले कुछ महीनों में उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों के मामले बढ़े हैं। आंकड़ों के अनुसार, ऊधमसिंह नगर जिले में पिछले साल 150 से अधिक दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए। सिडकुल क्षेत्र में पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां कामकाजी महिलाओं को निशाना बनाया गया।
पुलिस प्रशासन ने अब विशेष अभियान चलाने का ऐलान किया है। महिलाओं को सलाह दी जाती है कि अज्ञात वाहनों से बचें, हमेशा सहकर्मियों या विश्वसनीय स्रोतों से लिफ्ट लें। ऐप-आधारित कैब सेवाओं का उपयोग करें और संदिग्ध स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1098 या 112 पर कॉल करें। समाज को भी ऐसी घटनाओं के प्रति सजग रहना होगा। पीड़िता के साहस की सराहना करते हुए सभी ने उसके पूर्ण न्याय की कामना की है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
