रामनगर: रामनगर के शांत इलाके में मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे समाज को झकझोर दिया। एक पिता ने शराब के नशे में अपनी 13 वर्षीय सौतेली बेटी के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की सौतेली मां ने हिम्मत दिखाते हुए कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह मामला 27 मार्च का है, जो 29 मार्च को तहरीर के बाद दर्ज हुआ।
रामनगर कोतवाल सुशील कुमार ने पुष्टि की कि आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना की जानकारी देते हुए कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि रामनगर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर सौंपी। उसके मुताबिक, उसके पति ने शराब के नशे में अपनी नाबालिग सौतेली बेटी पर अत्याचार किया। आरोपी की पहली पत्नी का कुछ साल पहले निधन हो चुका था, जिसके बाद इस महिला ने दूसरी शादी की। पीड़िता उसी का सौतेला बेटी है। बुधवार को पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया और सख्ती से पूछताछ की।
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मेडिकल जांच में पीड़िता की हालत गंभीर पाई गई, जिसके आधार पर तत्काल कार्रवाई की गई। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। यह घटना न केवल परिवार की मर्यादा को कलंकित करती है, बल्कि समाज में व्याप्त शराब की लत और नाबालिगों के प्रति संवेदनहीनता को उजागर करती है। रामनगर जैसे छोटे शहरों में जहां पारिवारिक रिश्ते मजबूत माने जाते हैं, वहां पिता-बेटी के रिश्ते पर ऐसा काला धब्बा लगना बेहद दर्दनाक है। विशेषज्ञों का मानना है कि शराब का सेवन अक्सर हिंसा और अपराध को जन्म देता है। उत्तराखंड में हाल के वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां नशे की आड़ में घरेलू हिंसा ने विकराल रूप धारण कर लिया।
पुलिस प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की, जो सराहनीय है। कोतवाल सुशील कुमार ने कहा कि पीड़िता को उचित चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जा रही है। POCSO एक्ट के तहत नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर सख्त सजा का प्रावधान है, जो ऐसे अपराधियों के लिए चेतावनी है। हालांकि, समाज को भी जागरूक होना होगा। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। स्कूलों और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाएं टल सकें।उत्तराखंड पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष राज्य में POCSO मामलों में 20% की वृद्धि हुई है।
रामनगर जैसे पर्यटन स्थलों पर बढ़ते अपराध चिंता का विषय हैं। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि पुलिस नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाए। महिला आयोग और NGO भी इस मामले में सक्रिय हो सकते हैं। पीड़िता के परिवार को न्याय मिलना चाहिए, ताकि अन्य परिवार साहस जुटा सकें।यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमारा समाज बच्चों की सुरक्षा के लिए तैयार है? शराबबंदी और शिक्षा के माध्यम से ही ऐसे कृत्यों को रोका जा सकता है।
