प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PM Internship Scheme) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक कार्य अनुभव प्रदान करके उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।
मुख्य विशेषताएं:
लक्ष्य: अगले पांच वर्षों में देश की शीर्ष 500 कंपनियों में एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करना।
पायलट प्रोजेक्ट: युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
इंटर्नशिप अवधि: इंटर्नशिप की अवधि 12 महीने होगी, जिसमें कम से कम आधा समय वास्तविक कार्य वातावरण में बिताया जाएगा।
वित्तीय सहायता: इंटर्नशिप के दौरान चयनित उम्मीदवारों को निम्नलिखित वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी:
मासिक वजीफा: प्रतिमाह ₹5,000, जिसमें से ₹4,500 केंद्र सरकार द्वारा और ₹500 संबंधित कंपनी द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) फंड से प्रदान किए जाएंगे।
एकमुश्त अनुदान: इंटर्नशिप की शुरुआत में ₹6,000 की एकमुश्त राशि।
बीमा कवरेज: इंटर्नशिप के दौरान, उम्मीदवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा कवरेज प्रदान किया जाएगा।
पात्रता मानदंड:
मानदंड | विवरण |
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आयु सीमा | 21 से 24 वर्ष के बीच |
शैक्षणिक योग्यता | 10वीं, 12वीं, ITI, पॉलिटेक्निक, डिप्लोमा या स्नातक |
अन्य मानदंड | उम्मीदवार पूर्णकालिक रोजगार में नहीं होना चाहिए और न ही पूर्णकालिक शिक्षा में संलग्न होना चाहिए |
आवेदन प्रक्रिया:
ऑनलाइन पंजीकरण: इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल pminternship.mca.gov.in (https://pminternship.mca.gov.in) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया इस प्रकार है: सबसे पहले, उम्मीदवार को वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा और अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरनी होगी। उसके बाद, उम्मीदवार अपनी योग्यता और रुचि के आधार पर इंटर्नशिप की खोज कर सकते हैं और अधिकतम पाँच इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण तिथियां:
पंजीकरण की अंतिम तिथि: 31 मार्च 2025।
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योजना का दूसरा चरण :-
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के दूसरे चरण की समयसीमा 12 मार्च से बढ़ाकर 31 मार्च, 2025 कर दिए जाने के साथ ही यह महत्वाकांक्षी रोजगार योजना फिर से सुर्खियों में आ गई है। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की घोषणा के अनुसार पीएमआईएस का लक्ष्य युवा भारतीयों को एक करोड़ से अधिक इंटर्नशिप अवसर प्रदान करना है। पहले चरण की सफलता के बाद, जिसे 3 अक्टूबर, 2024 को शुरू किया गया था और जिसके लिए 600,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, इस चरण का उद्देश्य देश के 730 जिलों में व्यावहारिक अनुभव और कौशल निर्माण के अवसर प्रदान करना है।
युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना शुरू की है। इस योजना के तहत युवाओं को तेल एवं गैस, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, यात्रा, आतिथ्य, ऑटोमोटिव, विनिर्माण और एफएमसीजी समेत 24 प्रमुख उद्योगों की शीर्ष 500 कंपनियों में व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जा रहा है। इस योजना में बढ़ती रुचि को देखते हुए कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) ने आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है। गौरतलब है कि इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करना है।
योजना के उद्देश्य और लाभ
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का मुख्य लक्ष्य युवाओं को विभिन्न उद्योगों में व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार करना है। इंटर्नशिप के दौरान सरकार 5,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसमें 4,500 रुपये सरकार की ओर से और 500 रुपये इंटर्नशिप कराने वाली कंपनी की ओर से दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार इंटर्नशिप शुरू करने के लिए 6,000 रुपये का एकमुश्त अनुदान भी देती है। इंटर्न को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) के तहत बीमा कवरेज भी दिया जाता है।
कौन आवेदन कर सकता है?
इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की आयु 21 से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए या उसके पास आईटीआई, डिप्लोमा या स्नातक की डिग्री (जैसे, बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, बीफार्मा, आदि) होनी चाहिए। साथ ही, आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
कुछ श्रेणियों के व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं, जिनमें आईआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, आईआईएसईआर, एनआईडी और आईआईआईटी से स्नातक, साथ ही सीए, सीएमए, सीएस, एमबीबीएस, बीडीएस, एमबीए या मास्टर डिग्री धारक जैसे डिग्री धारक शामिल हैं। जिन उम्मीदवारों ने पहले ही सरकारी इंटर्नशिप या अप्रेंटिसशिप में भाग लिया है या जिनके माता-पिता सरकार के स्थायी कर्मचारी हैं, वे भी इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं।
हर जिले में इंटर्नशिप के अवसर
यह योजना पूरे भारत में 730 जिलों में लागू की जा रही है, जिससे युवाओं को अपने ही जिले में कार्य अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इस योजना में 500 से अधिक कंपनियाँ पहले ही शामिल हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, समाज के सभी वर्गों के युवाओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए एससी, एसटी, ओबीसी और विकलांग उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा रही है।
योजना की सफलता और भविष्य की संभावनाएं
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना भारत के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की एक क्रांतिकारी पहल है। यह योजना न केवल युवाओं को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है बल्कि कंपनियों को कुशल और प्रशिक्षित कार्यबल तक पहुंच भी प्रदान करती है। योजना के पहले चरण को बेहतरीन प्रतिक्रिया मिली है। अब तक 1.27 लाख इंटर्नशिप के अवसर पोस्ट किए गए हैं, जिनमें 6.21 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं और 4.87 लाख युवाओं ने अपना केवाईसी पंजीकरण पूरा कर लिया है।
सरकार ने दूसरे चरण के लिए भी आवेदन शुरू कर दिए हैं, जिसमें 100,000 से ज़्यादा नई इंटर्नशिप की पेशकश की गई है। तेल, गैस, बैंकिंग, FMCG, ऑटोमोटिव, मेटल, माइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों की 300 से ज़्यादा कंपनियाँ भारत भर के 730 जिलों में ये अवसर दे रही हैं। केंद्र सरकार और कंपनियाँ मिलकर इस योजना को सफल बनाने के लिए कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, ITI और जॉब फेयर में जागरूकता कार्यक्रम चला रही हैं। इसके अलावा, ज़्यादा से ज़्यादा युवाओं को इस योजना से जोड़ने के लिए डिजिटल और सोशल मीडिया कैंपेन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।