रुद्रपुर: लालकुआं में गुरुवार रात महिला सुरक्षा को चुनौती देती एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसमें पंतनगर सिडकुल की कंपनी में कार्यरत एक युवती के साथ तीन युवकों ने स्कॉर्पियो में जबरन बैठाने की कोशिश की। राहगीरों और युवती के परिजनों की सूझबूझ ने बड़ी अनहोनी को टाल दिया। तीनों आरोपियों को लोगों ने पकड़कर पहले जमकर धुनाई की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना गुरुवार देर रात करीब 11:30 बजे की है। जानकारी के अनुसार, युवती रोज की तरह अपनी ड्यूटी समाप्त कर कंपनी की बस से घर लौट रही थी। वह हाइवे पर बस से उतरी ही थी कि अचानक एक स्कॉर्पियो कार आकर उसके पास रुकी। कार में बैठे तीन युवकों ने पहले उससे रास्ता पूछने का बहाना किया और फिर उसे जबरन कार में खींचने का प्रयास करने लगे। युवती ने शोर मचाया, जिससे आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंच गए।
यह भी पढ़ें:सड़क पर लापरवाही, जिंदगी पर भारी: सरोवर होटल के पास हुआ दर्दनाक हादसा
इस दौरान युवती के परिजन, जो उसे लेने निकले थे, भी वहां पहुंच गए। उन्होंने घटनास्थल से भागने की कोशिश कर रहे युवकों को पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने तीनों की जमकर पिटाई की और पुलिस को सूचित किया। कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने स्कॉर्पियो को भी कब्जे में ले लिया है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि तीनों युवक लालकुआं क्षेत्र के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं 354, 354बी और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। साथ ही स्कॉर्पियो मालिक के नाम का पता लगाया जा रहा है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि आरोपियों को सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके। सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। युवती के परिजनों ने बताया कि वह रोजाना कंपनी की बस से हाइवे पर उतरती है और घर की दूरी बहुत कम होने के कारण पैदल ही आती है। उन्होंने कहा कि यह घटना शहर में कानून व्यवस्था की पोल खोलती है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि शहर की मुख्य सड़कों और औद्योगिक क्षेत्रों के आस-पास गश्त बढ़ाई जाए।
स्थानीय महिलाओं ने भी सरकार से अपील की है कि देर रात लौटने वाली महिलाओं के लिए खास सुरक्षा व्यवस्था की जाए। कुछ ने सुझाव दिया कि सिडकुल कंपनियों की बसें कर्मचारियों को गली तक छोड़ें ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके ।लालकुआं जैसी औद्योगिक नगरी में यह घटना महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। एक तरफ सरकार नारी सुरक्षा और सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह के मामले यह दिखाते हैं कि जमीनी स्तर पर अब भी सतर्कता और निगरानी की जरूरत है। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और आज उन्हें न्यायालय में पेश किए जाने की संभावना है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी
