आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले के रायवरम इलाके में गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को सदमे में डाल दिया। स्लैब खदानों के पास एक निजी ट्रैवल बस की तेज रफ्तार टिपर लॉरी से जबरदस्त टक्कर हो गई, जिसमें 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बस में भीषण आग लग गई, जो पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आशंका जताई जा रही है कि कई यात्री आग की चपेट में आकर जिंदा जल गए। कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मार्कपुरम डीएसपी हर्षवर्धन राजू ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और मीडिया को जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बस जगित्याला से कालिगिरी की ओर जा रही थी। सुबह के समय स्लैब खदानों के पास पहुंचते ही टिपर लॉरी ने बस को जोरदार धक्का मार दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा चूर-चूर हो गया और तुरंत आग की लपटें भड़क उठीं। डीएसपी राजू ने कहा, “शुरुआती जांच में पता चला है कि भीषण टक्कर ही आग का मुख्य कारण बनी। यात्रियों को बचाने की कोशिश में स्थानीय लोग और पुलिसकर्मी जुटे, लेकिन आग की तीव्रता के कारण कई शवों की पहचान मुश्किल हो रही है।”यह हादसा उस समय हुआ जब बस में सवार यात्री परिवारों के साथ कालिगिरी के वार्षिक मेले की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टिपर लॉरी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे से बस पर चढ़ आई। आग इतनी तेजी से फैली कि ड्राइवर को बस से बाहर निकलने का मौका भी नहीं मिला।
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घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। मार्कपुरम के सरकारी अस्पताल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है, जबकि कुछ गंभीर मरीजों को कडपा के बड़े अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और डीएनए टेस्ट से पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि स्लैब खदानों के आसपास का इलाका दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट बन चुका है। यहां अवैध खनन, भारी वाहनों की तेज ड्राइविंग और संकरी सड़कें मौत का कारण बन रही हैं। पिछले एक साल में इस रूट पर 20 से ज्यादा हादसे हो चुके हैं, जिनमें 50 से अधिक लोगों की जान गई। डीएसपी राजू ने चेतावनी दी कि ओवरलोडेड टिपर और बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने टिपर ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ लापरवाही से मौत का केस दर्ज कर लिया।मुख्यमंत्री कार्यालय से हादसे पर शोक संदेश जारी हुआ है।
सीएम ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि और घायलों के लिए मुफ्त इलाज की घोषणा की। एनएचआरटीसी ने जांच के आदेश दिए हैं, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। स्थानीय विधायक ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सोशल मीडिया पर #MarkapuramAccident ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग सड़क सुरक्षा के लिए अभियान चला रहे हैं।यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि क्या हमारी सड़कें यात्रियों की सुरक्षा के लायक हैं? भारी वाहनों पर स्पीड लिमिट, सीसीटीवी कैमरे और नियमित चेकिंग की जरूरत है। सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए, वरना ऐसे दर्दनाक हादसे रोजाना सुर्खियां बनते रहेंगे। मृतकों की आत्मा को शांति मिले और उनके परिवारों को हिम्मत।
