हल्द्वानी मर्डर केस: हल्द्वानी के गौलापार में मासूम की नृशंस हत्या के बाद वारदात के खुलासे में जुटी पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सफलता हाथ लग गई। आरोपी के शिकंजे में होने और मौके पर डॉग स्क्वॉड समेत आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के बावजूद शव के अंगों की बरामदगी आरोपी के राज उगलने के बाद ही की जा सकी।
आपको बता दें कि शनिवार को जिस जगह से पुलिस ने दफनाए गए मासूम के सिर और हाथ के अंगों को बरामद किया, वहीं पर पुलिस का पांच दिन तक लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही थी। लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
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हल्द्वानी के गौलापार निवासी बंटाईदार के 10 साल के बेटे की हत्या के बाद पुलिस ने नौ अगस्त को हत्यारोपी पड़ोसी निखिल जोशी की निशानदेही पर उसकी गोशाला से सिर और हाथ बरामद कर लिया था। इसी दिन एसएसपी पीएन मीणा ने हत्याकांड का खुलासा किया।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आया कि हत्यारोपी ने मासूम की गला घोंटकर हत्या करने के बाद सिर को धड़ से अलग किया।
इसके बाद पेट्रोल डालकर सिर को जलाने की कोशिश की। इस दौरान सिर के बाल जल गए लेकिन बाकी हिस्सा नहीं जल सका। ऐसे में आरोपी ने सिर और कटे हाथ को में गड्ढे में दफन कर दिया था। पोस्टमार्टम के दौरान मासूम के सिर के बाल जले हुए पाए गए हैं।