द्वाराहाट: बारिश की फुहारें और पहाड़ों पर बर्फ की चादर ने अल्मोड़ा जनपद को ठंडी आगोश में जकड़ लिया है। लगातार हो रही वर्षा और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज बर्फबारी के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने शनिवार, 24 जनवरी 2026 को कक्षा एक से 12 तक सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय और निजी विद्यालयों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। इस आदेश के तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है, क्योंकि मौसम विभाग ने अगले कई दिनों तक विपरीत परिस्थितियों की चेतावनी जारी की है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), देहरादून ने 23 जनवरी 2026 को सुबह 9 बजे एक महत्वपूर्ण पूर्वानुमान जारी किया। इसमें कहा गया है कि 23 से 29 जनवरी तक उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। वहीं, 2300 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का खतरा मंडरा रहा है। अल्मोड़ा जैसे ऊंचे पहाड़ी जिले में यह मौसम चक्र सामान्य नहीं है। जनवरी के अंतिम दिनों में ऐसी बर्फीली हवाओं ने सड़कों को फिसलन भरा बना दिया है, जिससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए खतरा बढ़ गया है। डीएम अंशुल सिंह ने इसी एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया, ताकि बच्चों को किसी जोखिम का सामना न करना पड़े।अल्मोड़ा जनपद में बारिश और बर्फबारी का यह सिलसिला पिछले कुछ दिनों से जारी है।
द्वाराहाट, सोमेश्वर, रानीखेत क्षेत्रों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। सड़कें बंद हो चुकी हैं, बिजली आपूर्ति बाधित है और कई गांवों में रसद सामग्री पहुंचाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि पहाड़ी रास्तों पर फिसलन के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। एक स्थानीय शिक्षक ने कहा, बच्चों को स्कूल भेजना खतरनाक होता, प्रशासन का यह फैसला सराहनीय है। इसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी राहत की सांस ली है, क्योंकि छोटे बच्चों के लिए ऐसी परिस्थितियां जानलेवा साबित हो सकती हैं।
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प्रशासन ने इस आदेश को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी अल्मोड़ा और जिला कार्यक्रम अधिकारी अल्मोड़ा को स्पष्ट हिदायत दी है कि सभी शैक्षणिक संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसमें जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने जैसी सजाएं शामिल हो सकती हैं। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को घर पर ही रखें और मौसम अपडेट पर नजर रखें। साथ ही, आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट कर दिया गया है, जो प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए तैनात हैं।
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में जनवरी-फरवरी का मौसम हमेशा अप्रत्याशित रहता है। जलवायु परिवर्तन के कारण अब ये घटनाएं अधिक तीव्र हो रही हैं। अल्मोड़ा में पिछले वर्ष भी इसी तरह की बर्फबारी से कई स्कूल बंद हुए थे, लेकिन इस बार प्रशासन की तत्परता ने संकट को कम किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2300 मीटर ऊंचाई पर बर्फबारी लैंडस्लाइड का कारण बन सकती है, इसलिए सतर्कता जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान चिंतित हैं, क्योंकि फसलें प्रभावित हो रही हैं, जबकि पर्यटन उद्योग पर भी असर पड़ रहा है।यह अवकाश घोषणा न केवल छात्रों के लिए राहत है, बल्कि पूरे जिले के लिए एक जिम्मेदार कदम है। डीएम अंशुल सिंह की यह पहल प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 जनवरी तक यह स्थिति बनी रह सकती है, इसलिए आगे भी ऐसे फैसले लिए जा सकते हैं। अभिभावक और शिक्षक इस दौरान बच्चों को घर पर ही पढ़ाई करवा सकते हैं। अल्मोड़ा प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जहां लोग मौसम संबंधी जानकारी ले सकते हैं। कुल मिलाकर, यह निर्णय जनहित में लिया गया है, जो पहाड़ी जीवन की कठिनाइयों को समझता है।
