देहरादून। उत्तराखंड की धामी सरकार ने शनिवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए अफसरशाही में व्यापक फेरबदली की है। कुल 19 आईएएस और 11 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, जो राज्य के प्रशासनिक ताने-बाने को नई गति देने का संकेत देते हैं। इस फेरबदली में आवास, स्वास्थ्य, पेयजल, सहकारिता, आयुष और नियोजन जैसे अहम विभागों के सचिव बदले गए हैं। हाल ही में पदोन्नत होकर सचिव बने अफसरों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है।यह बदलाव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जो राज्य के विकास कार्यों को गति देने और दक्षता बढ़ाने पर केंद्रित है। प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम का कार्यभार हल्का करने के लिए सरकार ने उनसे आवास, मुख्य प्रशासक आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारियां हटा ली हैं। उन्हें फिलहाल कोई नया विभाग नहीं सौंपा गया है, जो उनके लंबे समय से चली आ रही थकान को कम करने का प्रयास लगता है।
आर मीनाक्षी सुंदरम राज्य के वरिष्ठतम IAS अधिकारियों में शुमार हैं और उनके नेतृत्व में कई बड़े प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं।इसी क्रम में सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगौली से पेयजल विभाग की जिम्मेदारी हटाकर रणवीर चौहान को सौंपी गई है। शैलेश बगौली अब मुख्यमंत्री कार्यालय पर अधिक फोकस कर सकेंगे। वहीं, सचिव रणवीर सिंह चौहान से राज्य संपत्ति और आयुक्त खाद्य नागरिक आपूर्ति की जिम्मेदारियां हटाई गई हैं। इन बदलावों से पेयजल जैसा संवेदनशील विभाग, जो ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट से जूझ रहा है, नई दिशा पा सकता है। रणवीर चौहान के पास पहले से कई विभाग हैं, लेकिन यह अतिरिक्त जिम्मेदारी उनके अनुभव को मजबूत करेगी।स्वास्थ्य विभाग में भी फेरबदली हुई है, जहां नए सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है।
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आयुष विभाग, जो पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने का केंद्र है, को भी नया नेतृत्व मिला है। सहकारिता विभाग में बदलाव से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, क्योंकि सहकारिता समितियां किसानों और छोटे व्यापारियों की रीढ़ हैं। नियोजन विभाग, जो राज्य के विकास योजनाओं का खाका तैयार करता है, में नए सचिव आने से बजट आवंटन और परियोजनाओं में तेजी आ सकती है। हाल ही में पदोन्नत PCS अधिकारियों को सचिव पद पर जिम्मेदारी देकर सरकार ने मेरिटोक्रेसी को बढ़ावा दिया है।
यह फेरबदली राज्य के विभिन्न जिलों में विकास कार्यों को प्रभावित करेगी। उदाहरण के लिए, आवास विभाग से हटाए गए प्रमुख सचिव के बाद नए सचिव नगर विकास प्राधिकरण को नई दिशा देंगे, जिससे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स में गति आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ये तबादले चुनावी साल से पहले प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद हैं। विपक्षी दल इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन सरकार का दावा है कि यह दक्षता और पारदर्शिता के लिए है।कुल मिलाकर, धामी सरकार की यह प्रशासनिक सर्जरी राज्य के भविष्य के विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। नए अधिकारियों के पास चुनौतियां तो होंगी, लेकिन अवसर भी कम नहीं। उम्मीद है कि इन बदलावों से उत्तराखंड की जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी
