उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी जनकवि गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ जयंती विशेष :-10 सितंबर को उत्तराखंड के महान जनकवि, गीतकार और जन आंदोलन के पुरोधा गिरीश तिवारी गिर्दा की जयंती पर उन्हें शत् शत् नमन।‘गिर्दा’ उत्तराखंड के एक ऐसे जनकवि थे,जिन्होंने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अपने ओजस्वी गीतों और कविताओं से जान फूंक दी थी। गिर्दा की संक्षिप्त जीवनी गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ का जन्म 10 सितंबर 1945 को ग्राम ज्योली (तल्ला स्यूनरा) हवालबाग,अल्मोड़ा उत्तराखंड में हुआ। इनकी माता का नाम जीवंती तिवारी तथा पिता का नाम हंसादत्त तिवारी था। इन्होंने अपनी हाई स्कूल की परीक्षा अल्मोड़ा से तथा इंटर की परीक्षा नैनीताल से उत्तीर्ण की।…
Author: Hemant Upadhyay
शिक्षक दिवस विशेष: शिक्षक वह है जो अपने शिष्यों को अज्ञान रूपी अंधकार से ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर ले जाता है। एक शिष्य की जिंदगी में शिक्षक कितना महतवपूर्ण होता है इस बात का अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि सम्राट अशोक तभी चक्रवर्ती बन सके जब उनके पास सही मार्ग दिखाने वाले महान गुरु थे, चंद्रगुप्त मौर्य तभी इस अखंड भारत के महान राजा बने ज़ब उनके पास आचार्य चाणक्य जैसे महान गुरु थे। गाण्डीवधारी अर्जुन संसार के श्रेष्ठ धनुर्धर तभी कहलाए जब उन्हें सिखाने वाले गुरु द्रोण जैसे तेजस्वी गुरु उनके पास थे। शिक्षक दिवस क्यों…
काकोरी काण्ड: क्या थी काकोरी कांस्प्रेसी कौन-कौन थे इसमें शामिल? क्यों हर जगह के लोग आ गए थे उन क्रांतिकारियों के समर्थन मे? सर्वप्रथम काकोरी कांड के उन नायकों को मेरा शत शत नमन । उस समय की अंग्रेजी हुकूमत की जड़ों को हिलाया था H.R.A हिन्दुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसिएशन के केवल दस के नायकों ने जिनमें प्रमुख थे। पंडित राम प्रसाद ‘बिस्मिल’, अशफाक उल्ला खाँ चंद्रशेखर आज़ाद, योगेशचन्द्र चटर्जी, , मुकुन्दी लाल, .विष्णुशरण दुब्लिश, रामकृष्ण खत्री, .मन्मथनाथ गुप्त, राजकुमार सिन्हा, ठाकुर रोशानसिंह, राजेन्द्रनाथ लाहिडी, गोविन्दचरण कार, रामदुलारे त्रिवेदी, रामनाथ पाण्डेय, शचीन्द्रनाथ सान्याल, भूपेन्द्रनाथ सान्याल आदि। आज उन आजादी के परवानों…
अवसाद (डिप्रेशन): वर्तमान समय में आप देख रहे होंगे की 25 वर्ष से लेकर 40 45 वर्ष तक ज्यादातर व्यक्ति अवसाद (डिप्रेशन) के शिकार हैं, जिसमें सबसे ज्यादा युवा है युवाओं में चिंता और अवसाद का बढ़ना अभी कुछ वर्षों से ज्यादा हो गया है ऐसा क्यों? सार अवसाद व युवा क्यों होता है अवसाद (डिप्रेशन)? पाश्चात्य संस्कृति का प्रचलन आधुनिकीकरण से बढ़ता अवसाद भारतीय संस्कृति का अनुसरण करना अवसाद व युवा यह एक मानसिक स्वास्थ्य विकार है जिसमें व्यक्ति की मनोदशा बदलती रहती है जिससे उसके दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण हानि होती है अवसाद से पीड़ित व्यक्ति में बेचैनी,निराशा,…
मुख्य सार पर्यटन या तीर्थ यात्रा युवाओं में बढ़ती भक्ति पुराने समय में यात्राएं दर्शन या प्रदर्शन की भीड़ पर्यटन या तीर्थ यात्रा कुछ सालों से आप सब ने देखा होगा की तीर्थ स्थलों पर लोगों का आना अत्यधिक बढ़ गया है और ऐसे में बहुत सी अनहोनी होने के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं परंतु क्या यह बड़ना लोगों में भक्ति के बढ़ते रूप को दर्शाता है या कुछ और ?तीर्थ यात्रा आध्यात्मिक उद्देश्य के लिए की जाने वाली एक पवित्र यात्रा है. तीर्थ यात्री और पर्यटकों में बहुत अंतर है…. तीर्थ यात्री आध्यात्मिक कारणों से यात्रा करते…