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Wednesday, July 24, 2024

सावधान! हेडफोन से कानों को हो सकता है खतरा, जानिए कैसे करें बचाव

आज के दौर में हेडफोन हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। संगीत सुनने, कॉल करने, वीडियो देखने या फिर गेम खेलने के लिए हम सभी हेडफोन का इस्तेमाल करते हैं। पिछले कुछ सालो में हेडफोन, इयरफोन, ईयरबड का उपयोग अत्यधिक मात्रा में हो रहा हैं। हरकोई चाहे बच्चा हो या बूढ़ा हो हेडफोन का इस्तेमाल रोज करते हैं। ऐसा देखा गया है, जो लोग हेडफोन, इयरफोन, ईयरबड का उपयोग करते हैं वो लोग रोजाना काम से काम 20 मिनट से लेके अधिकतम 9-10 घंटे तक उपयोग करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अत्यधिक या गलत तरीके से हेडफोन का इस्तेमाल करना आपके कानों के लिए खतरनाक हो सकता है?

इस आर्टिकल में हम आप को हेडफोन के अधिक या गलत तरीके से इस्तेमाल करने से होने वाले खतरों और हेडफोन का सुरक्षित तरीके से कैसे इस्तेमाल करें इसके बारे में कुछ जानकारी दे रहे हैं।

आप को बता दे की हाल ही में मशहूर गायिका लका याग्निक को भी सुनाई देना बंद गई गया हैं। लका याग्निक ने इंस्टाग्राम पर खुद पोस्ट किया था की उनको कुछ हफ्तों से सुनाई देना बंद हो गया हैं।

एक सामान्य इंसान 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज (Hz) के बीच की आवृत्ति वाली ध्वनि सुन सकता है। डेसीबल (dB) में मापी जाने वाली ध्वनि की तीव्रता के आधार पर, आम तौर पर इंसान 0 से 180 डेसीबल तक की आवाज सुन सकता है। लेकिन 20-130 dB (डेसीबल) से अधिक की तीव्रता वाली ध्वनि दर्दनाक हो सकती है। आप को बता दे की 85 dB से कम की तीव्रता वाली ध्वनि 8 घंटे तक सुनने के लिए सुरक्षित मानी जाती है। आवाज की तीव्रता को आप इस तरीके से समझे की एक फुसफुसाहट की आवाज लगभग 10 dB की होती हैं। आमतौर पर जब हम बात करते है तो वह आवाज 50 dB के लगभग होती हैं। हेयर ड्रायर की 90 dB और मोटरसाइकिल की 100 dB होती हैं। वही सामान्य तौर पर, हेडफ़ोन 70 dB से 140 dB तक की आवाज उत्पन्न कर सकते हैं। हमलोग आमतौर पर 50 dB के लगभग की आवाज के आदि है। जो की हेडफ़ोन की आवाज से काफी काम हैं।

सावधान! हेडफोन से कानों को हो सकता है खतरा, जानिए कैसे करें बचाव

अत्यधिक या गलत तरीके से हेडफोन इस्तेमाल करने से होने वाले खतरे:

श्रवण हानि: यह हेडफोन से जुड़ा सबसे आम और गंभीर खतरा है। ज़्यादा देर तक तेज़ आवाज़ में संगीत सुनने से कानों के अंदर की छोटी, संवेदनशील कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, जिससे स्थायी श्रवण हानि हो सकती है। पिछले कुछ सालो में यह देखने को ज्यादा मिला हैं।

टिनिटस: यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपको लगातार कानों में बजना, सीटी बजना या अन्य तरह की आवाज़ें सुनाई देती हैं। टिनिटस अस्थायी या स्थायी हो सकती है और यह तनाव, नींद की कमी और कुछ दवाओं के कारण भी हो सकती है।

ईयर इन्फेक्शन: हेडफोन, खासकर ईयरबड्स, कानों में बैक्टीरिया और पसीने को फँसा सकते हैं, जिससे ईयर इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

ईयरवैक्स का जमा होना: हेडफोन ईयरवैक्स को कान नहर में धकेल सकते हैं, जिससे यह जमा हो सकता है और श्रवण हानि का कारण बन सकता है।

सिरदर्द और गर्दन में दर्द: हेडफोन, खासकर भारी हेडफोन, सिर और गर्दन पर दबाव डाल सकते हैं, जिससे दर्द हो सकता है।

बाहरी दुनिया से अनजान रहना: हेडफोन पहनने से आपको अपने आसपास के वातावरण से अनजान होने का खतरा बढ़ जाता है, खासकर अगर आप सड़क पर या ट्रैफिक में हेडफोन पहन रहे हैं।

समाजिक अलगाव: हेडफोन पर बहुत अधिक निर्भरता सामाजिक अलगाव और अकेलेपन का कारण बन सकती है।

हेडफोन का सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल कैसे करें:

आवाज़ कम रखें: हेडफोन का इस्तेमाल करते समय 60% से कम वॉल्यूम स्तर बनाए रखें।

समय सीमा निर्धारित करें: एक बार में 20 मिनट से अधिक समय तक हेडफोन का इस्तेमाल न करें और हर घंटे कम से कम 5 मिनट का ब्रेक लें।

Noise Cancelling Headphones का इस्तेमाल करें: शोर कम करने वाले हेडफोन आपको कम वॉल्यूम पर भी संगीत और अन्य ऑडियो का आनंद लेने में मदद करते हैं।

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ईयरबड्स का सही तरीके से इस्तेमाल करें: ईयरबड्स को अपने कान में बहुत गहराई तक न डालें और सुनिश्चित करें कि वे आराम से फिट हों।

साफ रखें: अपने हेडफोन और ईयरबड्स को नियमित रूप से साफ करें ताकि बैक्टीरिया और पसीने को जमा होने से रोका जा सके।

डॉक्टर से सलाह लें: यदि आपको अपनी सुनने की क्षमता में कोई बदलाव या कानों में कोई अन्य समस्या महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

अब आप को पता चल गया होगा की आप ने हेडफोन का इस्तेमाल करते समय किन बातो का ध्यान रखना हैं। ये छोटी-छोटी आदते आप के लिए बहुत फायदेमंद साबित होंगी। और आप जीवन भर प्रकृति और अपने आसपास उत्पन होने वाली ध्वनि और लोगो की बाते बिना किसी दिक्कत के सुन पायेंगे।

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Pramod Bhakuni
Pramod Bhakunihttps://chaiprcharcha.in
Pramod Bhakuni "चाय पर चर्चा" न्यूज़ पोर्टल के CTO हैं साथ ही उनकी विभिन्न क्षेत्र में जानकारी रखने में गहरी रुचि उन्हें "चाय पर चर्चा" न्यूज़ पोर्टल में विभिन्न विषयों पर ताज़ा और विश्वसनीय समाचार प्रदान करने के लिए प्रेरित करती है।

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