नैनीताल: उत्तराखंड में पंचायत चुनाव तथा जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख मतदान संपन्न हो चुके है लेकिन उसके बाद भी उत्तराखंड अजीबो गरीब मामले सामने आ रहें है। आपको बता दें कि नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव वाले दिन पांच कांग्रेस सदस्यों के कथित अपहरण मामले में शुक्रवार को उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब लापता हुए पांचों जिला पंचायत सदस्यों ने एक वीडियो जारी कर स्वेच्छा से मतदान से किनारा करने की बात कही।
वीडियो में सदस्यों ने कहा कि हमारा अपहरण नहीं हुआ, बल्कि हम अपनी मर्जी से गए थे। इन सदस्यों का यह वीडियो तब सामने आया, जब पुलिस ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, भाजपा प्रत्याशी के पति आनंद दर्मवाल समेत 11 नामजद और 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने यह कार्रवाई जिपं अध्यक्ष प्रत्याशी पुष्पा नेगी, सदस्य जीशांत कुमार और दो अन्य सदस्यों के परिजनों की तहरीर पर एक्शन लेते हुए की।
बता दें कि 14 अगस्त को नैनीताल जिला पंचायत चुनाव के लिए वोटिंग के दौरान जबरदस्त हंगामा देखने को मिला था. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उनके समर्थित पाँच जिला पंचायत सदस्यों को हथियारों के बल पर बीजेपी के नेताओं और दबंगों ने अपहरण कर लिया है।
कांग्रेस के इस आरोप के बाद सियासत गरम हो गई थी. कांग्रेस नेताओं ने इस घटना के विरोध में एसएसपी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन भी किया. जिसके बाद ये मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था. सोमवार को इस मामले पर सुनवाई होनी है लेकिन, उससे पहले ही अब इनका वीडियो सामने आ गया है।
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