महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का मंगलवार को एक विमान हादसे में निधन हो गया। यह खबर राज्य की राजनीति में भूचाल ला देने वाली है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने अजित पवार की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है। हादसे में कुल पांच लोगों की जान चली गई, जिसमें विमान का पायलट, सह-पायलट और तीन अन्य यात्री शामिल थे। अजित पवार मुंबई में कैबिनेट बैठक में हिस्सा लेने के बाद एक निजी कंपनी के चार्टर्ड विमान से बारामती के लिए रवाना हुए थे। विमान ने उड़ान भरते ही तकनीकी खराबी का शिकार हो गया और मुंबई के निकट ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे की जानकारी देते हुए महाराष्ट्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अजित पवार का चार्टर्ड विमान एक छोटा टर्बोप्रॉप विमान था, जो निजी एविएशन कंपनी द्वारा संचालित किया जा रहा था। विमान बुधवार सुबह मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ा था। बारामती पहुंचने से पहले ही विमान का संपर्क टूट गया।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को आखिरी संदेश मिला कि विमान में इंजन फेल हो गया है। कुछ ही मिनटों बाद मुंबई के उपनगर रायगढ़ जिले के पहाड़ी इलाके में जोरदार धमाके के साथ विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स्थानीय ग्रामीणों ने धुआं देखते ही पुलिस और अग्निशमन दल को सूचना दी। बचाव दल मौके पर पहुंचे, लेकिन विमान के मलबे में सभी पांचों यात्रियों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।अजित पवार (64 वर्ष) महाराष्ट्र की राजनीति के एक प्रमुख स्तंभ थे। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख नेता थे और हाल ही में महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री बने थे। उनका राजनीतिक सफर लंबा और उतार-चढ़ाव भरा रहा। बारामती से पांच बार विधायक चुने गए अजित पवार ने 1991 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और तब से लगातार जीतते आए। वे पूर्व उपमुख्यमंत्री शरद पवार के भतीजे हैं और एनसीपी के संस्थापक सदस्यों में शुमार थे।
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2019 में हुए सियासी ड्रामे के बाद वे भाजपा के साथ मिलकर उपमुख्यमंत्री बने, लेकिन बाद में एनसीपी में लौट आए। वर्तमान महायुति सरकार में वे वित्त और योजना विभाग संभाल रहे थे। उनके निधन से बारामती सहित महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “अजित पवार मेरे पुराने मित्र और सहयोगी थे। उनका अचानक निधन महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। राज्य शोक में डूबा हुआ है।” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य केंद्रीय नेताओं ने भी शोक संदेश जारी किए। शरद पवार ने भावुक होकर कहा, अजित मेरा बेटा सा था। यह दुख सहना कठिन है। एनसीपी कार्यालयों पर सन्नाटा पसर गया है, जबकि बारामती में लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
हादसे के कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में विमान के पुराने इंजन और रखरखाव की कमी को संदिग्ध माना जा रहा है। विमान कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। विमान हादसे में अजित पवार के अलावा उनके निजी सहायक, एक सुरक्षा अधिकारी, पायलट कपिल शर्मा और सह-पायलट रवि कुमार की भी मौत हो गई। शवों को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
अजित पवार का निधन महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा खालीपन पैदा कर गया है। वे किसान नेता के रूप में विख्यात थे और बारामती को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने में उनकी अहम भूमिका रही। सिंचाई घोटाले जैसे विवादों के बावजूद वे जनता के बीच लोकप्रिय थे। उनके परिवार में पत्नी सुनीता पवार, बेटा पार्थ और बेटी हैं। पार्थ पवार भी सक्रिय राजनेता हैं। राज्य सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। अजित पवार का अंतिम संस्कार बारामती में ही किया जाएगा।यह हादसा न केवल राजनीतिक हलकों में, बल्कि पूरे देश में सनसनी फैला रहा है। विमानन सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि निजी चार्टर्ड विमानों के रखरखाव पर सख्ती बरतनी होगी। अजित पवार की विरासत बारामती के विकास कार्यों में अमर रहेगी। महाराष्ट्र की जनता उनके निधन पर स्तब्ध है।
