अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर तहसील के रस्यारागाव गांव में एक दिव्यांग व्यक्ति की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। कुंदन राम (43) नामक इस व्यक्ति का शव घर के पास कूड़ेदान के समीप मिला, जिसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से तत्काल जांच की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग सवाल उठाने लगे कि आखिर इस मेहनती दिव्यांग की जान किसने ली।सोमेश्वर तहसील के इस शांत गांव में सुबह का समय था जब घास लेने जंगल जा रही महिलाओं ने दीपक पांडे के घर के पास एक शव देखा। कूड़ेदान के ठीक समीप कुंदन राम का क्षत-विक्षत शरीर पड़ा था। महिलाओं के चीखने-चिल्लाने पर गांव के लोग दौड़े आए। किसी ने कुंदन को हिलाया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची सोमेश्वर थाने की टीम ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए अल्मोड़ा जिला अस्पताल भेज दिया।
प्रारंभिक जांच में सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के गहरे निशान मिले, जो संदिग्ध लग रहे हैं।मृतक कुंदन राम के भाई संतोष राम और हरीश राम ने बताया कि 18 जनवरी से उनका भाई लापता था। परिजनों ने तलाशी ली, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार को अचानक उनका शव गांव में ही संदिग्ध हालत में मिला। संतोष राम ने भावुक होकर कहा, कुंदन का एक हाथ पहले करंट लगने से कट गया था। वह दिव्यांग होने के बावजूद मजदूरी कर परिवार चलाता था। उसके सिर पर गहरी चोटें हैं, लगता है किसी ने सिर पर वार किया। हम हत्या का शक करते हैं। पुलिस को पूरा मामला सौंपा है, जल्दी जांच हो।
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हरीश राम ने भी यही बात दोहराई कि भाई की हालत सामान्य नहीं थी और कोई दुश्मनी हो सकती है।कुंदन के परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है। पत्नी की भी कुछ साल पहले मौत हो चुकी थी। वह अकेला ही परिवार का भरण-पोषण करता था। गांव वाले बताते हैं कि कुंदन मेहनती इंसान था। जंगल से लकड़ी लाता, खेतों में मजूरी करता। दिव्यांगता के बावजूद कभी किसी से मदद नहीं मांगी। पूर्व में बिजली के करंट से हाथ कटने के बाद भी उसने हार नहीं मानी। रस्यारागाव जैसे दूरस्थ गांव में जहां सुविधाएं कम हैं, वहां कुंदन की मौत ने लोगों को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में कभी-कभी छोटे-मोटे विवाद होते हैं, लेकिन इतनी क्रूरता पहली बार देखी।पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। सोमेश्वर थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
प्रारंभिक जांच में चोटों के निशान मिले हैं, जो हत्या या दुर्घटना दोनों की ओर इशारा कर सकते हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। कुंदन के लापता होने के 8 दिनों बाद शव मिलना भी रहस्यमय है। क्या यह हत्या का मामला है या कोई और कारण? पुलिस फॉरेंसिक टीम को बुलाने पर विचार कर रही है। फिलहाल, शव अल्मोड़ा में है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। यह घटना उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में व्याप्त सामाजिक समस्याओं को उजागर करती है। दूरस्थ गांवों में पुलिस पहुंचने में देरी होती है, जिससे अपराधियों को मौका मिल जाता है। दिव्यांगों की सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित जांच व्यवस्था की जरूरत है।