द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। अल्मोड़ा जिले की न्याय पंचायत पैठानी में एक अनोखा आयोजन हुआ, जहाँ ‘जन जन की सरकार, जन जन के द्वार’ शिविर ने ग्रामीणों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। प्राइमरी स्कूल बटुलिया में आयोजित इस मेगा शिविर में सभी सरकारी विभागों ने अपनी सेवाएँ उपलब्ध कराईं, तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अल्मोड़ा ने विशेष रूप से विधिक सहायता स्टॉल लगाकर गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सलाह दी। यह शिविर न केवल सरकारी योजनाओं का जायजा लेने का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का सशक्त प्लेटफॉर्म साबित हुआ।शिविर का शुभारंभ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किया। मुख्य रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पेंशन, आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य विभागों के स्टॉल लगे थे।
लेकिन सबसे ज्यादा भीड़ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टॉल पर उमड़ी। यहाँ अधिवक्ताओं की टीम ने लोगों की कानूनी परेशानियों को सुना। भूमि विवाद, पारिवारिक झगड़े, श्रमिक अधिकार, महिला सुरक्षा और पीड़ित सहायता जैसे मुद्दों पर तुरंत सलाह दी गई। कई ग्रामीणों को पता चला कि वे मुफ्त में वकील की मदद ले सकते हैं, जिससे उनकी आँखें चमक उठीं। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि यह स्टॉल विशेष रूप से उन लोगों के लिए था जो अदालत पहुँचने से पहले ही अपनी समस्या का समाधान चाहते हैं। पैठानी न्याय पंचायत के ग्रामीणों ने इस आयोजन की खूब सराहना की। बटुलिया प्राइमरी स्कूल के प्रांगण में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चला यह शिविर सैकड़ों लोगों को लाभ पहुँचाने में सफल रहा।
यह भी पढ़ें:यूपीएससी सिविल सेवा 2026 नोटिफिकेशन अचानक स्थगित, IAS–IPS की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं की धड़कनें तेज
युवा किसानो ने कृषि विभाग से बीज और खाद की जानकारी ली, जबकि महिलाओं ने स्वास्थ्य स्टॉल पर टीबी जाँच और गर्भवती सहायता योजनाओं का लाभ उठाया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने स्टॉल पर पंपलेट बाँटे, जिसमें कानूनी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर (15100) और प्रक्रिया बताई गई।यह शिविर अल्मोड़ा जिले की ‘जन जन की सरकार’ पहल का हिस्सा है, जो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही है। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को गाँव-गाँव पहुँचाना है, ताकि लोग बिना झंझट के लाभ लें।
पैठानी जैसे दूरस्थ इलाकों में जहाँ सड़कें टूटी हैं और परिवहन कठिन, वहाँ यह शिविर वरदान साबित हुआ। प्रशासन ने घोषणा की कि ऐसे आयोजन नियमित होंगे, जिसमें विधिक सहायता को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा, हमारा लक्ष्य है कि कोई भी नागरिक कानूनी जाल में न फँसे। यह स्टॉल इसी दिशा में कदम है। शिविर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। यह आयोजन सफल रहा और लोगों में विश्वास जगाया कि सरकार उनके द्वार पर पहुँच रही है। अल्मोड़ा जैसे पहाड़ी जिले में जहाँ प्रवासियों की संख्या अधिक है, ऐसे शिविर सामाजिक न्याय को मजबूत करेंगे।


