पिथौरागढ़। जिले के गणाई गंगोली क्षेत्र के किलौटा गांव में उस घर में जहां कुछ घंटे पहले तक शादी की शहनाई गूंज रही थी, अब मातम का माहौल पसरा हुआ है। खुशियों से भरा यह घर पलभर में सन्नाटे में बदल गया जब बरात से लौटते वक्त एक दर्दनाक सड़क हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। इस हादसे में दूल्हे की बड़ी बहन, छह साल के भांजे, छोटी बहन के पति और देवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूल्हे का छोटा भाई गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
हादसा बरात से लौटते वक्त हुआ
जानकारी के अनुसार, किलौटा गांव के निवासी एक युवक की शादी का समारोह संपन्न होने के बाद बरात अपने घर लौट रही थी। देर रात जब गाड़ी गणाई गंगोली क्षेत्र के एक मोड़ से गुजर रही थी, तब चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया। जीप अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और हादसे की सूचना पुलिस और आपदा राहत दल को दी।रात का समय होने के कारण राहत कार्य में दिक्कतें आईं, लेकिन ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। राहत दलों ने ग्रामीणों की मदद से किसी तरह घायलों और मृतकों को खाई से बाहर निकाला। दृश्य इतना हृदयविदारक था कि मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
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चार की मौत, एक की हालत गंभीर
हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दूल्हे की बड़ी बहन, उसका छह वर्षीय बेटा, छोटी बहन का पति और परिवार का देवर शामिल हैं। दूल्हे का छोटा भाई गंभीर रूप से घायल है जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल पिथौरागढ़ रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार युवक की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
गांव में पसरा मातम
हादसे की खबर जैसे ही किलौटा गांव पहुंची, पूरे गांव में मातम छा गया। जिस घर में कुछ देर पहले तक शादी की धूम थी, वहां अब चीख-पुकार गूंज रही है। परिजन और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। दूल्हे की मां-बाप के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। ग्रामीण बताते हैं कि शादी का माहौल बहुत ही खुशगवार था, लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसी दर्दनाक घटना घट जाएगी।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। क्षेत्रीय विधायक और जनप्रतिनिधियों ने भी शोक व्यक्त करते हुए दुखी परिवार को सांत्वना दी। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं और बताया कि सड़क की स्थिति का भी निरीक्षण किया जाएगा।
खाई बनी काल, सुरक्षा पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस सड़क पर हादसा हुआ है, वहां लंबे समय से सुरक्षा रेलिंग और चेतावनी संकेत नहीं हैं। बरसात के बाद सड़क किनारे मिट्टी धंस गई है, जिससे वाहन फिसलने का खतरा हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
यह हादसा सिर्फ एक परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए कभी न भूलने वाला गम बन गया है। चार परिवारों के चिराग बुझ चुके हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा भीषण दृश्य पहले कभी नहीं देखा। शादी के गीत अब सिसकियों में बदल गए हैं। किलौटा गांव में हर चेहरे पर गम और आंखों में आंसू हैं।
