देहरादून: दिवाली पर्व पर इस बार उत्तराखंड के लोगों को बिजली की किल्लत नहीं झेलनी पड़ेगी। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने त्योहार के दौरान निर्बाध और सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष योजना तैयार की है। कंपनी का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर घर, गाँव और शहर में दिवाली के पूरे अवसर पर रोशनी बनी रहे और नागरिकों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
यूपीसीएल के अधिकारियों के अनुसार, दिवाली से पहले प्रदेश की सभी विद्युत उपकेंद्रों और वितरण लाइनों की विशेष जांच की जा रही है। तकनीकी टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा आने पर तत्काल समाधान किया जा सके। इसके अलावा, संवेदनशील इलाकों — जैसे पर्वतीय क्षेत्र, दूरदराज़ के गाँव और औद्योगिक क्षेत्रों — की निगरानी के लिए अतिरिक्त मोबाइल टीमें भी तैनात की जाएंगी।
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संवर्धन और रखरखाव कार्यों को देखते हुए यूपीसीएल ने पिछले कुछ दिनों में कई महत्वपूर्ण स्थानों पर ट्रांसफार्मरों, केबलों और वितरण लाइनों की मरम्मत पूरी कर ली है। साथ ही खासकर देहरादून, हल्द्वानी, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे बड़े शहरों में बिजली लोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए बैकअप पावर सिस्टम तैयार किया गया है। आपात स्थिति के लिए अतिरिक्त बिजली खरीद की व्यवस्था भी पहले ही की जा चुकी है, ताकि मांग बढ़ने पर भी उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।
त्योहार पर बिजली की खपत सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 20 से 25 प्रतिशत बढ़ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए यूपीसीएल ने ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष से रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की है। इससे न केवल बिजली आपूर्ति पर नज़र रखी जाएगी, बल्कि संभावित ओवरलोड या फॉल्ट का तेजी से समाधान भी किया जा सकेगा। कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से हाई वॉटेज लाइटिंग का उपयोग न करें और ऊर्जा बचत के प्रति सजग रहें। गांवों और कस्बों में सजावट के लिए एलईडी लाइट्स अपनाने को प्रोत्साहित किया गया है, जिससे बिजली की खपत तो घटेगी ही, पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक ने कहा कि इस दिवाली उत्तराखंड 24 घंटे “जगमग” रहेगा और किसी जिले या इलाके में बिजली कटौती नहीं होगी। उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 1912 लगातार सक्रिय रहेगा, जिस पर कॉल करके उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। दिवाली जैसे रोशनी के त्योहार पर यूपीसीएल का यह प्रयास प्रदेश की विकासशील छवि को और मजबूत करेगा। बेहतर व्यवस्थाओं और समर्पित टीमों की तैयारी के साथ यूपीसीएल का लक्ष्य है कि इस बार हर घर उत्सव की रोशनी से जगमगाए और उत्तराखंड “ऊर्जा में आत्मनिर्भर राज्य” की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाए।
