रामनगर: उत्तराखंड का लाल बिरजू मयाल एक प्रसिद्ध यूट्यूबर और सामाजिक क्रांतिकारी युवक हैं, जो उत्तराखंड में भ्रष्टाचार और अन्य सामाजिक मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाते हैं। वे मुख्य रूप से पहाड़ और मैदान के विवाद, भ्रष्टाचार के खिलाफ और अन्य सामाजिक अव्यवस्थाओं पर वीडियो बनाते हैं। उनका वास्तविक नाम बिरेंद्र सिंह है और वे रामनगर के रहने वाले हैं।
बिरजू मयाल उत्तराखंड के युवाओं में खासे लोकप्रिय हैं और उन्हें “पहाड़ का लाल” के नाम से भी जाना जाता है। उनकी लोकप्रियता के कारण वे सामाजिक और राजनीतिक दबाव में भी आए हैं, यहां तक कि उन पर जानलेवा हमला भी हुआ, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके पीछे माना गया कि यह हमला सरकार के इशारे पर हुआ था क्योंकि वे शासन-प्रशासन की गलतियों को उजागर करते थे। इस घटना का उत्तराखंड में काफी ध्यान गया और लोगों में आक्रोश भी हुआ।
इसके अलावा वे पारंपरिक संस्कृति और पहाड़ी जीवनशैली को लेकर भी सक्रिय हैं, और सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है। उनकी निजी जिंदगी में भी चर्चाएँ हुई हैं, जैसे उनकी शादी की तैयारियां और परिवार संबंधी मुद्दे।
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निजी जीवन और परिवार
बिरजू मयाल रामनगर के निवासी हैं। उन्होंने अपनी शादी का किस्सा साझा किया है कि उनकी शादी लव मैरिज नहीं बल्कि अरेंज मैरिज थी, जिसमें दोनों परिवारों के बीच कई मुश्किलें आईं। उनकी पत्नी शहर की रहने वाली हैं और उनके बीच पहले भी तनाव के कारण झगड़े होते रहे हैं। मई 2025 में उनकी पत्नी ने रामनगर पुलिस को मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया जिसमें घर छोड़कर जाने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की बातें सामने आईं। उनके बेटे की भी चिंताएँ सामने आई हैं।
संघर्ष और विवाद
बिरजू मयाल को सोशल मीडिया पर अपनी बेबाकी के लिए जाना जाता है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार के खिलाफ कई वीडियो बनाए हैं और खासकर प्रेमचंद अग्रवाल जैसे पूर्व मंत्रियों का विरोध किया है। मार्च 2025 में काशीपुर में अज्ञात लोगों द्वारा उन पर हमला किया गया जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। उनकी जिंदगी में कठिनाइयों का दौर लगातार जारी रहा है, जिसमें खुद को पीटने और विवादित वीडियो बनाने जैसे प्रयास भी शामिल रहे हैं।
पेशे और सामाजिक छवि
बिरजू मयाल का सामाजिक विरोधाभास भी इनकी पहचान का हिस्सा है। वे कभी फोटोग्राफर बने, कभी चाय बेचने लगे। उनकी वीडियो रचनाएं अक्सर हास्य और सामाजिक मुद्दों के मिश्रण में होती हैं, जिसमें वे अपने जीवन की समस्याओं को भी उजागर करते हैं। उनका उद्देश्य उत्तराखंड के सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर जागरूकता लाना है।
इस प्रकार, बिरजू मयाल का निजी जीवन संघर्ष, विवाद और सामाजिक लड़ाई का संघर्षपूर्ण सफर है, जो उनकी सार्वजनिक छवि के साथ भी जुड़ा हुआ है। यह जीवन कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो कठिनाइयों के बीच भी अपनी बात को मजबूती से रखता है और सोशल मीडिया के जरिए उत्तराखंड के युवाओं के बीच खास पहचान बना चुका है।