बेंगलुरु: येलहंका पुलिस ने एक हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसमें एक महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इन्होंने एक IT कर्मचारी को डेटिंग ऐप के जरिए फंसा कर ₹2 लाख की वसूली की।
गिरफ्तार आरोपी
- संगीता साहनी (36) – जेपी नगर निवासी
- शरणबासप्पा बालिगेर (50)
- राजू माने (34)
- श्याम सुंदर (20)
- अभिषेक (19)
- बीरबल माज्जगी (21)
कैसे रचा गया जाल?
येलहंका के एक निजी कंपनी में काम करने वाले राकेश रेड्डी ने पुलिस को शिकायत दी कि 17 जुलाई को Bumble ऐप पर उनकी संगीता से दोस्ती हुई। दोनों ने येलहंका पुलिस स्टेशन के सामने स्थित एक मॉल में मुलाकात की।
इसके बाद संगीता ने उन्हें रामगोंडनहल्ली स्थित एक किराए के घर बुलाया, जहां शराब पार्टी हुई। उसी दौरान चार लोग अचानक घर में घुसे और उन पर ड्रग्स का आरोप लगाने लगे।
फिर शुरू हुई ब्लैकमेलिंग
गिरोह के सदस्यों ने संगीता के बैग से एक सफेद पाउडर (बाद में पता चला बेकिंग सोडा) निकालकर कहा कि ये MDMA है और राकेश को ड्रग पैडलर के रूप में गिरफ्तार करवाने की धमकी दी। डर के मारे राकेश ने ऑनलाइन ₹2 लाख ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस की जांच
शिकायत के आधार पर पुलिस ने बैंक अकाउंट डिटेल्स, कॉल रिकॉर्ड (CDR) और CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि यह एक पूर्व नियोजित हनीट्रैप था।
पहले भी था आपराधिक इतिहास
मुख्य आरोपी शरणबासप्पा पहले भी 2023 में पुट्टेनहल्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज एक ऐसे ही मामले में गिरफ्तार हो चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने पेंटर और प्लंबर का काम करने वाले अन्य युवकों को जोड़कर नया गैंग बना लिया।
संगीता, जो उत्तर प्रदेश की रहने वाली है, पहले डांस बार में काम कर चुकी है। गिरोह ने रामगोंडनहल्ली में घर किराए पर लेकर कई लोगों को इसी तरह फंसाया है।
पुलिस हिरासत और आगे की कार्रवाई
- शरणबासप्पा, राजू और श्याम को पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
- संगीता, अभिषेक और बीरबल को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक गिरोह ने अन्य लोगों को भी फंसाकर पैसे वसूले, लेकिन उनमें से किसी ने शिकायत नहीं की है। अब अन्य पीड़ितों से संपर्क किया जा रहा है।
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बड़ी बात: सफेद पाउडर निकला बेकिंग सोडा
जांच में यह भी सामने आया कि संगीता के बैग में रखा गया सफेद पाउडर ड्रग नहीं, बल्कि बेकिंग सोडा था — यानी सब कुछ एक डर फैलाने की साजिश थी।
📌 सावधानी जरूरी:
डेटिंग ऐप्स पर किसी से मिलने से पहले पूरी सतर्कता बरतें। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में शर्म या डर के कारण लोग शिकायत नहीं करते, जिससे आरोपी बच जाते हैं।