PM फसल बीमा योजना 2025(PMFBY 2025):
नई दिल्ली: जुलाई का महीना भारत के किसानों के लिए सबसे अहम समय होता है। एक तरफ जहां देशभर में धान और खरीफ फसलों की बुवाई जोरों पर है, वहीं दूसरी ओर भारी बारिश, बाढ़, सूखा या कीट हमले जैसी आपदाएं खेती को तबाह कर सकती हैं। ऐसे में सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) 2025 में पंजीकरण की आखिरी तारीख 31 जुलाई तय की है।
सरकार ने सभी किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द पंजीकरण कराएं और इस योजना का लाभ उठाएं।
PMFBY क्या है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2016 में शुरू की गई भारत सरकार की प्रमुख फसल बीमा योजना है। इसका मकसद है —
- फसल नुकसान की स्थिति में मुआवजा देना
- किसान की आर्थिक स्थिरता बनाए रखना
- खेती में जोखिम को कम करना
इस योजना का संचालन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय करता है, और इसे राज्यों व बीमा कंपनियों के सहयोग से लागू किया जाता है। किसान को बहुत ही कम प्रीमियम देना होता है, बाकी राशि सरकार देती है।
किसान को कितना प्रीमियम देना होगा?
- रबी फसलें: 1.5%
- व्यावसायिक/बागवानी फसलें: 5%
- खरीफ फसल (आम तौर पर): 2% (राज्य दरों में भिन्नता हो सकती है)
कौन किसान कर सकता है आवेदन?
- लोनी किसान (Loaned Farmers): जो खेती के लिए ऋण ले चुके हैं, उन्हें ऑटोमैटिक रूप से योजना में शामिल किया जाता है।
- गैर-लोनी किसान: उन्हें 31 जुलाई से पहले स्वयं पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
किन फसलों को मिलेगा बीमा?
इस खरीफ सीज़न में किसान इन फसलों का बीमा करवा सकते हैं:
धान, अरहर, ज्वार, बाजरा, मूंग, उड़द, सोयाबीन, तिल, मक्का, ग्राउंडनट आदि।
पंजीकरण कैसे करें?
- आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in पर जाएं
- आधार और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें
- फसल और बैंक विवरण भरें
- फॉर्म सबमिट करें और कवरेज प्राप्त करें
जरूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- फसल और क्षेत्र की घोषणा
- भूमि स्वामित्व के दस्तावेज़ (खतौनी)
बीमा दावा कैसे करें?
अगर किसी आपदा (बारिश, बाढ़, सूखा, कीट) से फसल को नुकसान होता है, तो 72 घंटे के अंदर दावा दाखिल करें।
दावा कैसे दर्ज करें:
- कृषि रक्षक पोर्टल
- हेल्पलाइन नंबर: 14447
- Crop Insurance मोबाइल ऐप
इसके बाद क्या होगा?
- बीमा कंपनी और कृषि अधिकारियों की संयुक्त सर्वे टीम खेत का निरीक्षण करेगी
- दावा फॉर्म भरवाया जाएगा
- 2 महीने के भीतर किसान के बैंक खाते में मुआवजा आ जाएगा
क्यों ज़रूरी है PMFBY 2025 में रजिस्ट्रेशन?
❝ एक बेमौसम बारिश, एक कीट हमला — और महीनों की मेहनत मिट्टी में मिल सकती है। ❞
PMFBY एक सुरक्षा कवच है, जो किसान को आर्थिक सहारा और मानसिक शांति दोनों देता है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम
उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में जहां देश का खाद्यान्न उत्पादन का बड़ा हिस्सा होता है, वहां यह योजना किसानों की रीढ़ बनती जा रही है। बाकी राज्यों के किसान भी समय रहते पंजीकरण कर लें — अक्सर 31 जुलाई अंतिम तारीख होती है। सटीक जानकारी के लिए अपने राज्य की वेबसाइट जरूर देखें।
याद रखें:
31 जुलाई, 2025 अंतिम तारीख है — इसके बाद रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।
आज ही करें आवेदन, और अपनी फसल को भविष्य की अनिश्चितताओं से सुरक्षित बनाएं।